पिथौरागढ़। कोरोना और चीन से चल रही तनातनी के कारण लगातार दूसरे साल भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भले ही संशय के बादल छाये हों लेकिन कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने आदि कैलाश यात्रा कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए अप्रैल में निगम विभिन्न विभागों के साथ मार्ग और मौजूद व्यवस्थाओं के लिए सर्वे करेगा। केएमवीएन की योजना आदि कैलाश को बड़े धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की है।
केएमवीएन के अध्यक्ष केदार जोशी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले साल कैलाश मानसरोवर यात्रा संचालित नहीं हो पाई थी। इस बार भी संशय है। कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय से ही निर्णय होता है। यदि यात्रा होती है तो केएमवीएन की ओर से पूरी तैयारियां हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण पिछले साल आदि कैलाश यात्रा भी नहीं हो पाई थी। इस बार केएमवीएन आदि कैलाश यात्रा का संचालन करेगा। यात्रा शुरू करने से पहले अप्रैल में निगम की ओर से मार्ग का सर्वे कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आदि कैलाश भारत की भूमि पर स्थित है। आदि कैलाश का भी कैलाश मानसरोवर यात्रा के समान महत्व है। आदि कैलाश पर्वत के साथ ही पवित्र पार्वती तालाब है। यहां जाने वाले श्रद्धालु आदि कैलाश पर्वत के दर्शन कर इस तालाब में स्नान करते हैं। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश मार्ग पर स्थित व्यास घाटी अब सड़क सुविधा से जुड़ चुकी है।
इससे धार्मिक पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। पूरी घाटी में कई दर्शनीय स्थल हैं। केएमवीएन भविष्य में आदि कैलाश को प्रमुख धार्मिक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करेगा ताकि लाखों पर्यटकों के आने पर भी इस यात्रा के संचालन में कभी कोई बाधा न आए। इससे केएमवीएन की आय तो बढ़ेगी ही पूरा जिला पर्यटन बढ़ने से समृद्ध बनेगा।
15 पर्यटक आवास गृहों में मिलेंगी थ्री स्टार होटलों जैसी सुविधाएं
पिथौरागढ़। केएमवीएन लाभ वाले 15 पर्यटक आवास गृहों को थ्री स्टार होटल जैसी सुविधाओं से युक्त बनाएगा। केएमवीएन अध्यक्ष केदार जोशी ने बताया कि नौकुचियाताल के दो आवास गृहों को 15 साल की लीज पर दिया जा रहा है। इससे हर साल सवा दो करोड़ रुपये की आय होगी।
तल्लीताल, सूखाताल, नौकुचियाताल, मुक्तेश्वर, अल्मोड़ा, डीनापानी, चौकोड़ी, जागेश्वर, बिनसर सहित कुमाऊं में लाभ वाले 15 पर्यटक आवास गृहों में कक्ष बढ़ाकर थ्री स्टार होटलों जैसी सुविधाएं दिलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि संविदा पर कार्यरत निगम कर्मियों का मानदेय बहुत कम था। एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। शीघ्र ही दो हजार रुपये की बढ़ोतरी और की जाएगी। इससे निगम के चतुर्थ श्रेणी कर्मी को न्यूनतम मानदेय 10 हजार रुपये मिलने लगेगा।