साहसी युवती नियति का सम्मान करते पिथौरागढ़ के लोग
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अगस्त 2016 में बंगलूरू में खचाखच भरी बस के यात्रियों की जान बचाने वाली पिथौरागढ़ निवासी युवती को मां भगवती मोटर ड्राइविंग स्कूल चंद्रभागा (एंचोली) ने सम्मानित किया।
ड्राइविंग स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल के संचालक दिलीप वल्दिया ने बताया कि 28 अगस्त 2016 को शेषाद्री पुरम कॉलेज बंगलूरू की बस विद्यार्थियों को लेकर जा रही थी कि अचानक चालक का स्वास्थ्य खराब हो गया और वह बेहोश हो गया। इस कारण बस अपना संतुलन खोने लगी और बस में अफरातफरी मच गई। इस दौरान चालक के पीछे वाली सीट पर बैठी ग्राम अड़किनी (पिथौरागढ़) निवासी नियति सौन (23) पुत्री जगेंद्र सिंह सौन ने हाथ से बस के ब्रेक लगाने का प्रयास किया, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। नियति ने बस की चाबी निकाल ली, लेकिन बस रुकी तो नहीं, कुछ धीमी जरूर हो गई। इतने में सामने से आ रहा मोटर साइकिल सवार बस की स्थिति भांप कर बाइक छोड़कर भाग गया। बाइक बस के टायरों के नीचे आने से बस की रफ्तार काफी कम हो गई। नियति ने स्टेयरिंग घुमाकर बस को बिजली के खंभे से टकरा दिया और बस रुक गई। इस कारण नियति के साहस से यात्रियों की जान बच गई।
मुख्य अतिथि लोककवि जनार्दन उप्रेती और मोटर ड्राइविंग स्कूल के संचालक वल्दिया ने नियति को शाल ओढ़ाकर, प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। अवकाश पर घर आई नियति इन दिनों भगवती मोटर ड्राइविंग स्कूल में वाहन चलाना सीख रहीं हैं। उन्होंने कहा कि उस हादसे के बाद उनके मन में ड्राइविंग सीखने का विचार आया। कार्यक्रम में हरी दत्त पुजारी, हेमलता पांडे, दीपक सिंह ज्याला, सुरेश कोहली, शैलेंद्र वल्दिया, सूरज सिंह सौन, ललित मोहन बिष्ट, प्रदीप जेठी, भुवन पांडे आदि मौजूद थे।