धारचूला (पिथौरागढ़)। एनएचपीसी का एमवीए जनरेटर स्टेप अप ट्रांसफार्मर लेकर जा रहा भारी भरकम ट्राॅला कुलागाड़ में बने ब्रिज पर नहीं जा पाया। ऐसे में एनएचपीसी की चिंता बढ़ गई। एनएचपीसी के अधिकारियों के अनुरोध पर 765 बीआरटीएफ ने कुलागाड़ ब्रिज के पास 80 मीटर का डायवर्जन बनाना पड़ा तब जाकर ट्राॅला एनएचपीसी के पावर प्लांट तक पहुंच सका।
कुलागाड़ में बीआरटीएफ ने लोहे का पुल बनाया है इसकी भार क्षमता 24 टन है। तीन दिन पूर्व एलागाड़ में बन रहे एनएचपीसी के पावर प्लांट के लिए बीएचईएल झांसी से एक ट्राॅला 50 टन वजनी ट्रांसफार्मर लेकर यहां पहुंचा। पुल की भार क्षमता कम होने से ट्राॅला का इसे पार करना असंभव था। ऐसे में ट्राॅला यहीं पर अटक गया।
एनएचपीसी के अनुरोध पर बीआरटीएफ ने तीन दिन में पुल के पास नई कच्ची सड़क का निर्माण कर ट्राॅला को पार कराया। ट्राॅला कुलागाड़ से पार हुआ तो एनएचपीसी के साथ ही बीआरटीएफ ने राहत की सांस ली। एनएचपीसी ने बीआरटीएफ के अधिकारियों का आभार जताया।