नाचनी के पास गोलगांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षक है। यहां पांच विद्यार्थी पढ़ रहे और विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओं का संचालन होता है। पांच बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन भी बनता है, क्योंकि इसके लिए सख्त आदेश हैं। पांचों बच्चों को हर साल स्कूल ड्रेस भी मिलती है।
एकमात्र शिक्षक हरीश सिंह बिष्ट विद्यालय में तैनात हैं। मानक के अनुसार छात्रसंख्या के हिसाब से दूसरा शिक्षक नहीं आ सकता। सरकार दस से कम छात्रसंख्या वाले स्कूलों को बंद करने की तीन साल से तैयारी कर रही है, लेकिन राजनैतिक दबाव और अधिकारियों की कमजोर इच्छाशक्ति के कारण यह विद्यालय बंद भी नहीं हो पा रहे हैं। शिक्षक हरीश सिंह समय पर स्कूल आ जाते हैं, क्योंकि छात्रसंख्या कम है तो सभी को एक साथ बैठा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि महीने के तीन-चार दिन मीटिंग में जाने के कारण विद्यालय बंद करना पड़ता है। शिक्षक के साथ मजबूरी यह है कि वह कभी भी कैजुअल लीव तक नहीं ले पाते, क्योंकि रिलीवर के तौर पर दूसरा शिक्षक वहां आना नहीं चाहता।
ग्राम प्रधान रमेश राम का कहना है कि छात्रसंख्या बढ़ नहीं रही है। ऐसे में विद्यालय बंद कर देना चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी शौकत अली ने बताया कि हर महीने कम छात्रसंख्या वाले स्कूलों की सूची शासन को जाती है। सरकार की जानकारी में सारा मामला है। कम छात्रसंख्या वाले स्कूल बंद करने के आदेश आएंगे तो तत्काल उसे लागू कर दिया जाएगा।