युवा पखवाड़े के तहत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कवि सम्मेलन का आयोजन किया। कई रचनाकारों ने सामाजिक सवालों और देश के सामने खड़ी समस्याओं पर रचनाएं पेश की।
युवा कवि जितेंद्र तिवारी ने-समंदर को चाहे खामोश रहने दो, मगर मुझे कुछ कहना है कहने दो, कविता सुनाकर लोगों को सोचने के लिए मजबूर किया।
डा. प्रमोद कुमार श्रोत्रिय ने युवाओं का आह्वान करते हुए यह रचना सुनाई-आज युवा शक्ति को सृजन का काम दें, इनको नई उमंग दें, नया मुकाम दें। डा. आशुतोष पांडे ने-उसने कुछ लोग गम के लिए छांटे हुए हैं, हमारे रास्ते बिल्लियों के काटे हुए हैं, रचना सुनाई।
इनके अलावा दीपक सती, हेमा थलाल, आशा सौन, चिंतामणि जोशी ने भी कविता सुनाई। कार्यक्रम में श्याम सिंह ऐरी, देवेंद्र पाठक, रेखा जोशी, कंचन उप्रेती, हिमांशु वर्मा, रोहित ओझा, योगेश भट्ट, प्रांशु मेहता, खगेश अवस्थी, लोकेश भट्ट, विकास चंद, शुभम जोशी, सचिन बोरा आदि उपस्थित थे।