फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वीर चक्र विजेता और सात स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गांव तक नहीं पहुंची सड़क

विज्ञापन
खुमती सड़क के बंद होने के बाद अस्पताल से लौटी महिला को ग्रामीणों ने इस तरह गांव तक पहुंचाया। संवा? - फोटो : PITHORAGARH
विज्ञापन
पिथौरागढ़। खुमती सड़क बंद होने के कारण खटीमा से उपचार कराकर लौटी महिला को युवाओं ने डोली के सहारे आठ किमी पैदल चलकर गांव तक पहुंचाया।
विज्ञापन

खुमती निवासी पूनम देवी (28) को निमोनिया हो गया था। तबीयत ज्यादा खराब होने पर परिजन एक सप्ताह पहले पूनम को संयुक्त अस्पताल धारचूला लेकर आए। यहां तबीयत में कोई सुधार न होने पर पूनम को खटीमा ले जाया गया। स्वास्थ्य होने के बाद पूनम शनिवार को कालिका पहुंची, लेकिन खुमती सड़क बंद होने के कारण पूनम आगे नहीं जा सकी। सौरव, मोहन सिंह, नेहा, हेमा, दीपा, दलीप सिंह आदि युवाओं ने पूनम को डोली बैठाकर आठ किमी पैदल क्षतिग्रस्त मार्ग पर चलकर घर पहुंचाया। ग्राम प्रधान गोपाल सिंह ने प्रशासन से बंद सड़क को शीघ्र खोलने की मांग की है।
कुर्सी और डंडों से डोली बनाकर अस्पताल से घर लाए मरीज को
बंगापानी (पिथौरागढ़)। एक वीर चक्र विजेता और सात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के दारमा गांव तक आज तक सड़क नहीं पहुंच पाई है, जिस कारण ग्रामीण परेशान हैं। सड़क नहीं होने से ग्रामीण एसएसबी के पूर्व सैनिक को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद कुर्सी की डोली बनाकर गांव तक पहुंचाया। आपदा में पैदल रास्तों के ध्वस्त होने के कारण गांव के युवाओं को परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क के निर्माण की मांग की है।
विज्ञापन

एसएसबी से सेवानिवृत्त सैनिक खीम सिंह धामी चलने में पूरी तरह असमर्थ हैं। वो 20 दिन पहले हल्द्वानी के एसटीएच में उपचार कराकर बेटी के घर बंगापानी तहसील के मोरी गांव में रुके हुए थे, लेकिन 28 जुलाई को सुबह चार बजे आई आपदा में वो और उनका पूरा परिवार बच गया। रहने के लिए घर नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन अपने गांव दारमा लौटना पड़ा। किसी तरह उन्होंने गांव के युवाओं को मोरी गांव में फंसे होने की जानकारी दी। दारामा गांव से युवाओं ने आकर कुर्सी की डोली बनाकर आपदा में ध्वस्त पैदल रास्तों से उन्हें गांव तक पहुंचाया। डोली से ले जाने वाले युवाओं में भीम सिंह, विशन सिंह, देव सिंह, किशन सिंह, बाला सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने कहा आखिर कब बनेगी सड़क
बंगापानी। तहसील के दारामा गांव से एक वीर चक्र विजेता दीवान सिंह धामी और आठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी त्रिलोक सिंह पांगती, दुर्गा सिंह रावत, जगत सिंह पांगती, हीरा सिंह जंगपांगी, माधों सिंह जंगपांगी, नरी राम, गुमान सिंह, तेज सिंह, त्रिलोक सिंह, भवान सिंह धर्मशक्तू, कुंदन सिंह धर्मशक्तू हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ सालों से सड़क का निर्माण बेहद सुस्त गति से चल रहा है। जिस कारण ग्रामीणों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके सड़क के निर्माण को लेकर कोई प्रभाव नहीं किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण वो रोगियों और बीमार लोगों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाने को मजबूर हैं। उन्होंने शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें