बंगापानी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी जा रही इनोवा कार रविवार को 15 मीटर गहरी खाई में गिरने से तीन दोस्तों की मौत हो गई और एक घायल हो गया। बंगापानी के पास हादसे वाली जगह पर सड़क किनारे क्रश बैरियर नहीं लगाए गए हैं। यहां पैराफिट भी इतने कमजोर बने थे कि वाहन के टकराते ही चकनाचूर हो गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस स्थान पर पहले भी लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बीआरओ ने हादसे वाली जगह पर पैराफिट बड़े पत्थर और रेत से बनाए गए थे जिनमें सीमेंट का उपयोग नाममात्र हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पैराफिट मजबूत होते तो वाहन टकराने के बाद रुक सकता था। पूर्व में भी इस जगह स्कूटी, बाइक और कारें गिर चुकी हैं।
जुलाई 2012 में इसी स्थान पर मारुति ईको कार खाई में गिर गई थी। हादसे में बहादुर सिंह धामी पुत्र पदम सिंह की मौत हुई थी और दो लोग घायल हुए थे। पास में एक बाइक गोरी नदी में बह गई और एक स्कूटी चट्टान में अटक गई थी। इसके बाद भी बीआरओ ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए।
एन-बैंड उमरगड़ा के पास हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे। पहाड़ी पर बकरी चर रहे ग्रामीणों ने इसकी सूचना बंगापानी तक पहुंचाई। लोगों ने बड़ी मुश्किल से इनोवा के नीचे दबे युवाओं को बाहर निकाला। बार-बार हादसों के बावजूद सुरक्षा इंतजाम न होने से लोगों में बीआरओ की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष है।