जौलजीबी में रजाई गद्दों की एक दुकान में सोमवार सुबह शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग लगने से दुकान का सारा सामना जलकर नष्ट हो गया। राजस्व विभाग ने पांच लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया है।
सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे हरीश ओझा की पत्नी नरेंद्री ओझा अपनी गोशाला में गई थीं। गोशाला के बगल में टिनशेड में रफीक मंसूरी पुत्र यासीन अली की रजाई गद्दों की दुकान है। दुकान से धुआं उठता देख नरेंद्री ओझा ने अपने पति आग लगने की जानकारी दी। नदी पार नेपाल में तैनात नेपाली पुलिस कर्मी ने सीटी बजाकर आग लगने के संकेत दिए। जानकारी मिलते ही एसएसबी और पुलिस के साथ स्थानीय लोग, व्यापारी आग बुझाने में जुट गए। काफी देर की मशक्कत के बाद आग बुझाने में कामयाबी मिल पाई।
आग से रफीक की दुकान में रखी 58 रूई की गांठें, दो फाइबर, तीन कपास की गांठें, रूई धुनाई मशीन, मोटर, 150 रजाई-गद्दे, 200 रजाई के कवर जलकर नष्ट हो गए। मौके पर पहुंचे राजस्व उपनिरीक्षक सुरेंद्र धामी ने आग लगने से पांच लाख के नुकसान का आकलन किया है। पीड़ित रफीक ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। बताया जा रहा है कि आग यदि रात में लगी होती तो कई अन्य दुकानों को भी नुकसान हो सकता था। एसएसबी के रोशन कुमार, उत्तम रॉय, धीरेंद्र सिंह, रोशन सिंह, संदीप शानू, थानाध्यक्ष भीम भास्कर आर्या, ग्राम प्रधान कमला चंद ने आग बुझाने में मदद की।