नाचनी (पिथौरागढ़)। तल्लाजोहार के राथी क्षेत्र के किमखेत, बेड़ूमहर और सैंणराथी में गुरु अलखनाथ की पूजा शुरू हो गई है।
सैंणराथी के अड़खेत, राथी के सैंणराथी और बेड़ूमहर के अलखनाथ मंदिर रविवार को मुहूर्त के अनुसार एक साथ सुबह 9.45 बजे गुरु अलखनाथ की धूनी जलाई गई। भारी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच अड़खेत मंदिर के पुजारी प्रेम सिंह, दयान सिंह, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष दुर्गा सिंह, सैंणराथी मंदिर के पुजारी सूर सिंह, लछम सिंह, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नेत्र सिंह, बेड़ूमहर मंदिर के पुजारी राम सिंह, बलवंत सिंह, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कल्याण सिंह के नेतृत्व में पूजा की शुरुआत की गई।
किमखेत, बेड़ूमहर और सैंणराथी गांवों के 450 परिवार 5 दिसंबर तक पूजा करेंगे। सोमवार से तीनों गांवों के सभी घरों में ग्राम देवताओं की पूजा की जाएगी। 4 दिसंबर को मध्य रात्रि में विशेष पूजा होगी। मध्यरात्रि में पूजा के बाद भंडारा शुरू होगा, जो 5 दिसंबर को दिनभर चलेगा। आसपास के करीब 50 गांवों के लोगों को गुरु अलखनाथ की पूजा का निमंत्रण आयोजकों ने दिया है। 5 दिसंबर तक दिनरात इन मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान होंगे। तराई क्षेत्र के साथ ही अन्य स्थानों में रहने वाले स्थानीय लोग पूजा के लिए पहुंचे हुए हैं। तीनों गांवों के अलखनाथ मंदिर में लोगों की भारी चहलपहल बनी हुई है।