पिथौरागढ़। सामाजिक दायित्वों के प्रयासों और सरकारी योजनाओं से लोगों को लाभान्वित करने में बैंकों की निकृष्ट भूमिका पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने ऋण और जमा अनुपात की निराशाजनक स्थिति पर कई बैंक प्रबंधकों को फटकार लगाई। मुख्य विकास अधिकारी डा. आनंद श्रीवास्तव ने जिला स्तरीय पुनरीक्षण समन्वय समिति की बैठक में कहा कि पिछली तिमाही में बैंकों का ऋण-जमा अनुपात 33 प्रतिशत रहा है। जो बेहद निराशाजनक है। उन्होंने ऋण जमा अनुपात को शत प्रतिशत करने पर जोर दिया। साथ ही इसके लिए कार्ययोजना बनाकर 21 अगस्त तक पेश करने को कहा है। उन्होंने दूरदराज गांवों में बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने, आम आदमी को लाभ पहुंचाने के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने को कहा। बैठक में स्व रोजगार योजना, स्वर्ण जयंती शहरी स्वरोजगार योजना, सेवा क्षेत्र ऋण योजना, प्रधानमंत्री रोजगार योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन योजना, राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना समेत सभी मदों में तेजी लाने के निर्देश दिए। नाबार्ड के पुनीत नागर ने कहा कि बैंकों की सुस्त गति पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रबंधक मौजूद थे।