डीडीहाट। पंद्रह सालों से सड़क के लिए आवाज बुलंद करने के बावजूद कौली, गराली में रोड नहीं बन सकी। शासन और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से आहत ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
डीडीहाट तहसील की कौली और गराली गांम पंचायत की जनसंख्या दो हजार से अधिक है। ग्रामीण अलग उत्तराखंड राज्य बनने के पूर्व से सड़क निर्माण की मांग उठा रहे हैं लेकिन इस मांग को शासन-प्रशासन के साथ ही जनप्रतिनिधियों ने लगातार नजरंदाज किया है। सड़क न होने से ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए 8 से 10 किमी की पदयात्रा करनी पड़ती है। कौली के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह ने बताया कि कौली, गराली के लिए जौलजीबी-मदकोट मार्ग से लिंक सड़क बनाने की मांग ग्रामीण लगातार उठा रहे हैं, लेकिन आज तक सड़क नहीं बनी। कहते हैं कि जब चुने हुए प्रतिनिधि गांव की समस्या का समाधान नहीं करतेे हैं तो फिर वोट डालने का क्या फायदा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार से संबंधित फैक्स भारत निर्वाचन आयोग को भेज दिया है।
घटिया निर्माण कार्य की जांच की मांग
मिट्टी युक्त रेता का प्रयोग करने का आरोप
गंगोलीहाट। भाजपा ने डूनी-राईआगर सड़क निर्माण में ठेकेदार पर घटिया सामग्री प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए डीएम को ज्ञापन भेजकर मामले की जांच करने के साथ ही जिम्मेदार अभियंताओं और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा ब्लाक अध्यक्ष सुरेश जोशी के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी के माध्यम से डीएम को भेजे ज्ञापन में भाजपाईयों ने कहा है कि डूनी-राईआगर सड़क के चौड़ीकरण के कार्य में ठेकेदार घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग कर रहा है। डामर की लेयर मानक के अनुसार नहीं बिछाई जा रही है। निकास नाली, पैराफिट निर्माण में मिट्टीयुक्त रेता का उपयोग किया जा रहा है। घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग कर जनता के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में नगर पंचायत अध्यक्ष विमल रावल, भाजपा महामंत्री रमेश बोरा, हरीश भंडारी, हीरा खाती, गोपाल खाती, हरीश सिंह, किशन भंडारी, नीरज उप्रेती, षष्ठी बल्लभ जोशी, प्रकाश जोशी, ललित उप्रेती, बलवीर प्रसाद, भूपाल आर्या आदि शामिल थे।