पिथौरागढ़। टीईटी अभ्यर्थियों ने परीक्षा संपन्न होने के एक माह बाद भी परिणाम घोषित न होने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यदि सरकार ने परिणाम घोषित करने में देरी की तो इसका असर उनके भविष्य पर पड़ेगा।
प्रशिक्षुओं की यहां हुई बैठक में कहा गया कि सरकार ने बीएड डिग्री धारकों के लिए टीईटी की बैधता 31 मार्च 2014 तक ही रखी है। इसमें मात्र तीन महीने का समय रह गया है। यदि सरकार जल्द टीईटी के परिणाम घोषित नहीं करती है तो बीएड डिग्री धारकों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। इन लोगों ने कहा कि राज्य में पांच हजार प्राथमिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। अकेले इस जिले में पांच सौ प्राथमिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। टीईटी के परिणाम घोषित होते और रिक्त पदों पर विज्ञप्ति निकाली जाती तो न केवल बेरोजगारों को रोजगार मिलता बल्कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी पूरी हो जाती। बैठक में हीरा सिंह खड़ायत, ललित मोहन उप्रेती, मनोज मेहता, मनोहर मेहरा, दीपक चौहान, नवीन प्रसाद, पंकज जोशी, देवेंद्र जोशी, जितेंद्र भट्ट, दीपक जोशी, गिरीश पाठक, बहादुर सिंह ठगुन्ना, दीपक मुडेला, देवेंद्र न्याल, दिनेश पांडे, हेम उपाध्याय आदि मौजूद थे।