धारचूला/डीडीहाट (पिथौरागढ़)। चार दिन से गुंजी में फंसे कैलास मानसरोवर यात्रियों के पहले दल के 51 सदस्यों को मंगलवार को हेलीकाप्टर से धारचूला लाया गया। दल बीते पांच दिनों से गुंजी में फंसा हुआ था। धारचूला पहुंचने के बाद इन यात्रियों ने राहत की सांस ली। दल के सदस्य धारचूला से सड़क मार्ग से पिथौरागढ़ होते हुए दिल्ली जाएंगे।
15 जून से शुरू बारिश ने इस बार कैलास मानसरोवर यात्रा को बुरी तरह प्रभावित किया। पहला यात्रा दल ही मंझधार में फंसा। कई जगह रुकते-रुकाते किसी तरह पहले दल के सदस्य आखिरकार मंगलवार सुबह धारचूला पहुंच सके। ये दल चार जुलाई से गुंजी स्थित आईटीबीपी के कैंप में रुका हुआ था। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी अनुप्रीत टी बोरकर ने बताया कि कैलास यात्रियों को बरेली से आए मिग-17 हेलीकॉप्टर के जरिए तीन शिफ्टों में निकाला गया। प्रथम यात्रा दल के जनसंपर्क अधिकारी चंदन भंडारी ने बताया कि सबसे पहले बुजुर्ग और महिलाओं को निकाला गया। गेलीपैड में केएमवीएन के एमडी दीपक रावत, आर्मी के सीओ राजीव कटारिया, विधायक हरीश धामी, एसडीएम प्रमोद कुमार ने यात्रियों का स्वागत किया। निगम के एमडी ने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित उनके घर तक भेजा जाएगा। यात्रियों का सामान भी सुरक्षित घर पहुंचाया जाएगा।