डीडीहाट/नाचनी (पिथौरागढ़)। पुलिस नेे दुर्लभ प्रजाति के हिमालयन उल्लू बेचने ले जा रहे दो लोगों सानदेव बैंड के पास गिरफ्तार किया है। इस हिमालयन उल्लू को बाद में बांसबगड़ के जंगल में छोड़ दिया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्य जंतु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुखबिर की सूचना पर रविवार सुबह पुलिस क्षेत्राधिकारी राजीव मोहन और वन क्षेत्राधिकारी केएस खाती ने बागेश्वर जिले की किसमिला ग्राम पंचायत के रहने वाले जगदीश जगदीश आर्या पुत्र लक्ष्मण आर्या और राजेंद्र प्रसाद पुत्र कल्याण राम की तलाशी ली तो एक बोरे में रखा उल्लू बरामद हुआ। दोनों ने बताया कि यह उल्लू बांसबगड़ के त्रिभुवन प्रसाद उर्फ त्रिलोक पुत्र बिशन राम ने उन्हें बेचने के लिए दिया था। उन्होंने बताया कि त्रिलोक को उल्लू बांसबगड़ पंचायतघर के पास पड़ा मिला था।
वन क्षेत्राधिकारी केएस खाती ने बताया कि हिमालयन उल्लू एक फीट ऊंचा तथा डेढ़ किलोग्राम वजन का है। इसकी उम्र करीब तीन साल है। उन्होंने बताया कि सुनहरे रंग के इस उल्लू की आंखें भी सुनहरी हैं। उन्होंने बताया कि उल्लू की यह प्रजाति उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाती है और इसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है। जंतु वैज्ञानिक डा.राकेश कुमार का कहना है कि रंग के आधार पर यह दुर्लभ प्रजाति का हो सकता है। दोनाें आरोपियों के खिलाफ वन्य संरक्षण जंतु अधिनियम 1972 की धारा 2 के की उप धारा 5 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।