पिथौरागढ़। जिले की अग्रणी स्वैच्छिक संस्था हिमालयन ग्राम विकास समिति के तत्वावधान में दो दिनी साइंस आउटरीच कार्यक्रम शुरू हो गया है। इसका उद्देश्य छात्रों में विज्ञान के प्रति अभिरुचि बढ़ाकर वैज्ञानिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम में विण एवं मूनाकोट विकासखंड के 20 विद्यालयों के 125 छात्र और शिक्षकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए देश के प्रख्यात भूविज्ञानी पद्म विभूषण प्रोफेसर केएस वल्दिया ने कहा कि हमें सपने देखने चाहिए और उनको पूरा करने के लिए हमेशा प्रयासरत रहना चाहिए। मुख्य शिक्षाधिकारी वीपी सिमल्टी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम सीमांत के अन्य स्थानों के छात्रों के साथ भी किए जाने चाहिए। हिमालयन ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि 2010 से शुरू हुए इस कार्यक्रम के माध्यम से 400 से अधिक विद्यालयों के 15000 से ज्यादा विद्यार्थी और लगभग 1000 अध्यापक लाभान्वित हो चुके हैं।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में बंगलूरू से आए प्रोफेसर विनोद कुमार गौड़ ने ‘दि ज्वाय ऑफ डिस्कवरी‘ विषय पर बोलते हुए कहा कि विज्ञान में यदि शोध कार्यों को उत्साह के साथ किया जाता है तो मिलने वाले परिणामों से एक अलग तरह का आनंद प्राप्त होता है। प्रोफेसर उमेश वाघमरे ने पदार्थ पर व्याख्यान दिया। तीसरे सत्र में बंगलूरू से आए प्रोफेसर उदय रंगा ने कैंसर के कारण, इसके इलाज की विभिन्न विधियों और चल रहे शोधों के बारे में जानकारी दी।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य विज्ञान बंगलूरू की प्रोफेसर प्रीति जोशी ने मानव मस्तिष्क की संरचना और उसकी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। प्रोफेसर बीडी लखचौरा ने विभिन्न रोगों के इलाज में जीन थैरेपी की उपयोगिता को विस्तार से समझाया। संचालन किशोर चंद्र पाटनी, दिनेश भट्ट ने किया।