नाचनी (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के बारापट्टा चारागाह में भालू ने हमला कर 68 बकरियां मार दी। वन विभाग की टीम घटनास्थल को रवाना हो गई है।
सैंणरांथी क्षेत्र के किमखेत गांव के पशुपालकों ने अपनी बकरियों को चरने के लिए बारापट्टा के चारागाह में भेजा था। बृहस्पतिवार सुबह भालू ने बकरियों के झुंड पर हमला कर दिया। ग्रामीणों को 30 मृत बकरियां मौके पर मिल गई हैं। अन्य की तलाश जारी है।
सैंणरांथी के क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान पुष्पा देवी की 22, चंपा देवी की 11, सुंदर सिंह की 7, कुंवर राम की 13 और दुर्गा राम की 15 बकरियों के झुंड पर भालू ने हमला किया। शांति देवी और गोविंदी देवी ने घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी। वन बीट अधिकारी रमेश लोदियाल ने बकरियों के मारे जाने की पुष्टि की है। नामिक प्रथम बीट के जीएस पांडेय घटनास्थल को रवाना हो गए हैं। बीडीसी सदस्य लक्ष्मण सिंह ने पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
सैंणरांथी में है वन्य जीवों का आतंक
नाचनी। सैंणरांथी का जंगल काफी घना है। वन्य जीव कभी इंसानों पर तो कभी मवेशियों पर हमला करते रहते हैं। वर्ष 2013 में भालू के हमले में देवेंद्र सिंह की मौत हो गई थी। हालांकि संघर्ष में भालू भी मारा गया। उससे पहले 2002 में पशुपालन विभाग के कार्यालय के पास शेर सिंह को भालू ने मार डाला। चार अगस्त को भालू ने गंगा सिंह पर हमला कर दिया। गंगा सिंह का इलाज अभी जिला चिकित्सालय में चल रहा है। ग्रामीण भालू के साथ ही तेंदुए, बंदर, लंगूर, सेेही और सुअरों से परेशान हैं।