पिथौरागढ़। उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी समन्वय समिति ने अधिशासी अभियंता पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने चेताया कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वह उग्र आंदोलन करेंगे।
कर्मचारियों ने पंप गृहों और अन्यत्र पड़ी निष्प्रयोज्य सामग्री का भंडार स्टोर में कराने, उनके जलमूल्य बिलों में आ रहे अनुचित अवशेष को निरस्त करने, उनके वेतन का भुगतान माह की सात तारीख से पहले करने जैसी मांगें उठाई थी। इन मांगों को लेकर शनिवार को कर्मचारियों की अधिशासी अभियंता से वार्ता होनी थी। कर्मचारियों का कहना था कि संगठन के पदाधिकारियों पर अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। इससे वार्ता विफल हो गई। बाद में आक्रोशित कर्मचारियों ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान पेयजल तकनीकी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष चंद्र सिंह मेहता, उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कृष्ण कुमार शुक्ला, संविदा श्रमिक संघ के अध्यक्ष सुरेश चंद्र भट्ट, भुवन चंद्र भट्ट, अंबा दत्त पांडेय, राजेंद्र प्रसाद गुरुरानी, विशन राम, देवी दत्त जोशी, भुवन राम, राजेंद्र लाल, नंदा बल्लभ जोशी, मोहन सिंह बोहरा, देवी दत्त जोशी, लक्ष्मण सिंह, पूरन सिंह बोहरा, लक्ष्मण राम, हयात सिंह, रघुवर दत्त हिचाड़ी, हरिओम फुलेरा आदि थे।
कर्मचारियों की कुछ मांगों पर पूर्व में ही कार्रवाई कर ली गई है। अन्य मांगों के संबंध में सोमवार को संगठन के प्रतिनिधियों से वार्ता की जाएगी। उन पर लगाए आरोप बेबुनियाद हैं। -विशाल कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान।