पिथौरागढ़। सीमांत जिले में आग से इस साल 197.35 हेक्टेयर जंगल खाक हो गया है। आग से वन विभाग को करीब 4.38 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस वर्ष आग लगाने की घटनाओं में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस वर्ष सीमांत जिले में आग लगने की घटनाएं जनवरी से शुरू हो गई थी। वन्य जीवों के अवैध शिकार को मुनस्यारी के जंगलों में शिकारियों ने आग लगाई। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष आग लगने की 95 घटनाएं हुई हैं। इनमें से 39 घटनाएं आरक्षित वन, 56 सिविल, पंचायत वनों में हुई हैं। पिथौरागढ़, धारचूला में आग लगने की घटनाएं कम हुई हैं। डीडीहाट, बेरीनाग, अस्कोट, गंगोलीहाट , मुनस्यारी के जंगलों में आग अधिक धधकी। वन्य जीव तस्करों ने जनवरी में ही मुनस्यारी के जंगलों में आग लगा दी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात होने के चलते वन्यजीव भोजन की तलाश में निचली घाटियों का रुख करते हैं। यहां पहले से ही घात लगाए शिकारी बुग्याल, जंगलों में आग लगाकर उन्हें अपना शिकार बना लेते हैं। हालांकि वन विभाग की टीम ने एसडीओ एमएम भट्ट के नेतृत्व में गांवों में गश्त भी की लेकिन शिकारी हत्थे नहीं चढ़े। पिछले कुछ दिनों से सीमांत जिले में बारिश नहीं होने से जंगलों में आग लगने की छिटपुट घटनाएं अभी भी हो रही हैं।