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महाकाली मे लखनपुर पर बना अस्थाई पुल तोड़ा

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धारचूला (पिथौरागढ़)। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित लखनपुर में महाकाली नदी पर बनाए गए अस्थायी पुल को नेपाल निवासियों ने तोड़ दिया है। इससे व्यास घाटी के कुछ लोग नेपाल में ही फंस गए हैं और सीमा पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। घाटी के लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए भारत सरकार से जल्द पैदल पुल बनवाने की मांग की है।
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नजंग और लखनपुर के बीच तख्ते बल्लियों से बने इस अस्थायी पुल से भारत और नेपाल के लोेग रोजाना आवाजाही करते हैं। नेपाली नागरिक नमक, चीनी के लिए भारत आते हैं, जबकि व्यास घाटी के लोग भी अपनी जरूरतों के लिए नेपाल जाते हैं। बुधवार दोपहर कुुछ नेपाल निवासियों ने इस अस्थायी पुल को तोड़ दिया। उन्होंने एसएसबी के नेपाल की ओर से पुल निर्माण को रोकने के बाद यह कदम उठाया। दरअसल, बुधवार सुबह नेपाल के कुछ नागरिक नदी पर दुम्लिंग क्षेत्र के लिए अस्थायी पुल बना रहे थे।

एसएसबी के जवानों ने अस्थायी पुल बना रहे नेपाल के नागरिकों को वहां से खदेड़ दिया। इससे गुस्साए दुम्लिंग के निवासियों ने भारत की ओर से बनाए गए अस्थायी पुल को तोड़ दिया। पुल टूटने के साथ ही व्यास घाटी का नेपाल से संपर्क भंग हो गया। रिश्तेदारी और जरूरी सामान लेने नेपाल गए व्यास घाटी के कुछ लोग दूसरी ओर फंस गए हैं। रं यूथ फोरम धारचूला के अध्यक्ष पूरन ग्वाल एवं महासचिव राजू सिंह का कहना है कि कुछ लोग भारत-नेपाल के संबंधों को खराब करने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। क्षेत्रवासियों ने भारत सरकार से जल्द पैदल पुल बनाने की मांग की है।
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नजंग और लखनपुर में पुल निर्माण का मामला अटका
सीमा पर भारत और नेपाल के बीच नजंग और लखनपुर में दो पैदल पुल प्रस्तावित हैं। नेपाल की ओर से भी लंबे समय से दुम्लिंग पुुल निर्माण की अनुमति मांगी जा रही है। पिछले दिनों पिथौरागढ़ में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बैठक में नजंग और लखनपुर पैदल पुल निर्माण पर सहमति बनी थी। हालांकि, अब तक पुल निर्माण को लेकर नेपाल के रुक से रास्ता साफ नहीं हुआ है। नेपाल को दुम्लिंग मेें पुल निर्माण की अनुमति भी नहीं मिल पाई है। इसके चलते नजंग और लखनपुर पुल निर्माण में गतिरोध पैदा हो गया है। अस्थायी पुल तोड़ने की घटना को पुल निर्माण से जुड़े विवादों की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
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