धारचूला (पिथौरागढ़)। उच्च हिमालय क्षेत्र के गांवों से लोगों का मौसमी प्रवास शुरू होने वाला है लेकिन पैदल रास्तों की खराब दशा से लोग गंभीर चिंता में हैं। 25 अक्तूबर से लोगों का मौसमी प्रवास पर जाना शुरू हो जाएगा। क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधियों ने सोमवार को उपजिलाधिकारी आरके पांडे से मुलाकात की और रास्ते की तत्काल मरम्मत करने की मांग की। इधर, एसडीएम ने निर्माण एजेंसियों और सुरक्षाबलों के अधिकारियों की बैठक में लोनिवि को रास्ता निर्माण में की जा रही देरी पर फटकार लगाई। एसडीएम ने 21 अक्तूबर को मालपा का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि अभी कई जगह रास्ते की हालत ठीक नहीं है। संकरे रास्ते से जानवरों को ला पाना संभव नहीं होगा।
बैठक में पहुंचे बूंदी के पूर्व प्रधान जगत सिंह, गर्ब्यांग के उप प्रधान गोपाल सिंह, नपलच्यू की गंगोत्री देवी, नाभी की सनम देवी, रौंगकांग के हरीश सिंह ने मांग की कि 30 नवंबर तक लखनुपर से नजंग के बीच रोड कटिंग का कार्य रोका जाए और मौसमी प्रवास पूरा होने के बाद ही कटिंग का कार्य किया जाए। भाजपा नेता महेंद्र बुदियाल ने कहा कि सीमांत के कई परिवार जाड़ों में भी अपने मूल गांवों में रहकर आजीविका चलाते हैं।
मार्ग बंद होने की दशा में ऐसे लोगों के आकस्मिक स्थिति में सुविधा देने के लिए एक हेलीकॉप्टर की तैनाती किया जाए। लोगों ने कहा कि 31 मार्च तक नजंग तक सड़क निर्माण हर हाल में पूरा किया जाए। बैठक में तहसीलदार आईबी मल्ल, खंड विकास अधिकारी लक्ष्मण जोशी, आईटीबीपी के निरीक्षक देवराज शर्मा, कुमाऊं स्काउट्स के जेसीओ कुंदन राणा, एसएसबी के सहायक सेनानी जगेश मंडल, सीमा सड़क संगठन के सहायक अभियंता जॉनसन रे, जेई दलजीत सिंह, भारत तिब्बत व्यापार सहायक प्रह्लाद कुटियाल, एसएसबी के इंद्र सिंह, लोक निर्माण विभाग के सुरेंद्र सिंह, बिंद्रा रौंकली आदि उपस्थित थे।