पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पूरी कर 17वें दल के 40 सदस्य बुधवार को जागेश्वर होते हुए दिल्ली रवाना हो गए हैं। अब कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर सिर्फ एक दल गया हुआ है। यह दल इस समय कैलाश परिक्रमा पर है। 17वें दल के सदस्य बुधवार सुबह यहां पर्यटक आवासगृह पहुंचे। उन्होंने हिमालय बचाओ अभियान की शपथ ली। एक दीप शहीदों के नाम पर जलाया और मानसरोवर वाटिका में पौधरोपण किया। यात्रा दल के जनसंपर्क अधिकारी अमित गोयल ने कहा कि हिमालय बचाने के लिए किए जा रहे यह प्रयास सराहनीय हैं।
कैलाश यात्रियों का पर्यटक आवासगृह में प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने स्वागत किया। यात्रियों के इस दल को मंगलवार को बूंदी से हेलीकॉप्टर के जरिए धारचूला लाया गया था। बुधवार सुबह धारचूला से चलकर कैलाश यात्री पिथौरागढ़ पहुंचे। यात्रियों ने कहा कि हिमालय की रक्षा के लिए और ज्यादा प्रयासों की जरूरत है। कहा कि हिमालयी क्षेत्र में भूकटाव से हर साल नुकसान होता है। इस स्थिति को पौधरोपण से ही रोका जा सकता है।
इस बीच कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए अंतिम दल के सदस्य बुधवार को कैलाश परिक्रमा पर हैं। इस दल के नौ सितंबर को धारचूला पहुंचने की उम्मीद है। कैलाश यात्रियों के स्वागत के समय हर सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, दीपक बिष्ट, हंसी बिष्ट, नारायण दत्त, प्रदीप, संजय, महेश आदि उपस्थित थे।