गोविंद भंडारी, पूर्व अध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ, पिथौरागढ़।
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। कनालीछीना जीआईसी में हुई शैक्षिक उन्नयन गोष्ठी में राजकीय शिक्षक संघ ने हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। संघ का कहना है कि प्रदेश में 90 फीसदी स्कूल मुखिया विहीन हैं और इन पदों को पदोन्नति से भरने के लिए सरकार गंभीर नहीं है।
कनालीछीना जीआईसी में हुई गोष्ठी में राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष गोविंद भंडारी ने कहा कि पदोन्नति सहित शिक्षकों की अन्य समस्याओं का समाधान न होने से उनमें निराशा है। जब स्कूलों में प्रधानाचार्य, शिक्षक नहीं होंगे तो ऐसे में सरकारी स्कूलों में आदर्श शिक्षण व्यवस्था की उम्मीद नहीं की जा सकती। कहा कि प्रदेश में 2295 हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में 2039 स्कूल मुखिया विहीन संचालित हो रहे हैं। पूरे प्रदेश में मात्र 177 प्रधानाचार्य और 79 प्रधानाध्यापक ही कार्यरत हैं। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में स्थिति और खराब है। यहां 128 इंटर कॉलेजों में सिर्फ पांच विद्यालयों में प्रधानाचार्य तैनात हैं। 87 हाईस्कूलों में से मात्र एक हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक नियुक्त हैं। इन विद्यालयों में प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों के 70 फीसदी पर रिक्त हैं। कहा कि सभी पद विभागीय पदोन्नति से आसानी से भरे जा सकते हैं लेकिन सरकार और विभाग न्यायालयों में प्रकरणों को लंबित बताकर आंखें मूंदे हैं। शिक्षकों के प्रकरणों को न्यायालयी वादों में उलझाने में अधिकारी जिम्मेदार हैं। ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय कर इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।