धारचूला (पिथौरागढ़)। पूजा के लिए उच्च हिमालयी क्षेत्र में गए सीमांत धारचूला के लोग मार्ग खराब होने के कारण जान जोखिम में रखकर आवागमन कर रहे हैं। हेली सेवा बंद होने से बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
कांग्रेस की प्रदेश कोऑर्डिनेटर नंदा बिष्ट ने कहा कि दो जुलाई को हुई बारिश से लखनपुर से नजंग के बीच पैदल रास्ते ध्वस्त हो गए थे। सरकार ने हेली सेवा शुरू की, इसके बावजूद कई लोगों को सुविधा नहीं मिल सकी। उच्च हिमालयी गांवों में गए सभी लोग अभी लौटे नहीं हैं। इसके बावजूद हेली सेवा बंद कर दी गई है। अब वहां पर फंसे लोगों को जान हथेली पर रखकर लौटना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार पर सीमांत के लोगों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
माइग्रेशन में गुंजी गईं वृद्धा की तबियत बिगड़ी
धारचूला। माइग्रेशन में गुंजी गई धारचूला निवासी 85 वर्षीय छको देवी की तबियत बिगड़ गई। ब्लड प्रेशर बढ़ने से उनकी नाक से खून निकलने पर परिजनों ने आईटीबीपी के चिकित्सकों को दिखाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी है। बीजेपी जिलाध्यक्ष महेंद्र बुदियाल ने डीएम से बीमार महिला को धारचूला लाने के लिए हेलीकॉप्टर भेजने की मांग की है।