पिथौरागढ़। दो जुलाई की अतिवृष्टि से मुनस्यारी की मोतीघाट और टांगा बिजली परियोजना के बांध के टूट जाने और परियोजना को काफी नुकसान होने के बाद हिमालय हाइड्रो प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद के प्रबंधन ने परियोजना में कार्यरत 48 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। केएमवीएन के पूर्व अध्यक्ष रुद्र सिंह पंडा ने कंपनी के इस कदम का विरोध जताया है।
दो जुलाई की अतिवृष्टि से मोतीघाट और टांगा की 5-5 मेगावाट की बिजली परियोजनाओं को भारी क्षति पहुंची थी। बिजली उत्पादन ठप हो गया था। परियोजना के कर्मचारियों को उम्मीद थी कि जल्द परियोजना के पुनर्निर्माण का काम शुरू होगा। प्रबंधन ने पुनर्निर्माण का काम तो शुरू नहीं किया लेकिन कर्मचारियों की सेवा समाप्ति का नोटिस जरूर जारी कर दिया है। दोनों परियोजनाओं के प्रबंध निदेशक/ मालिक केवी रेड्डी ने स्थायी सेवा समाप्ति सूचना शीर्षक से कर्मचारियों को पत्र जारी कर परियोजना को हुए नुकसान के कारण दोनों परियोजनाओं को ठप घोषित करने की जानकारी दी है।
इसमें कहा गया है कि कर्मचारियों की सेवा समाप्त की जाती है। मोतीघाट परियोजना में 22 जबकि टांगा परियोजना में 26 कर्मचारी विभिन्न पदों पर कार्यरत थे। केएमवीएन के पूर्व अध्यक्ष पंडा ने कंपनी के इस कदम का विरोध किया है। कहा है कि कर्मचारी वर्ष 2003 से परियोजना में काम कर रहे हैं। कर्मचारी परियोजना के पुनर्निर्माण में पूर्ण सहयोग देने को तैयार हैं।