नाचनी/पिथौरागढ़। उच्च हिमालयी क्षेत्र के राजकीय हाईस्कूल नामिक का वर्ष 2011 से संचालन कर रहे जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक भगवान सिंह जेम्याल की मेहनत एक बार फिर रंग लाई है। चीन सीमा के नजदीक स्थित इस विद्यालय का बोर्ड परीक्षाफल शत-प्रतिशत रहा है।
नामिक हाईस्कूल से 6 विद्यार्थियों ने वर्ष 2018 की हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा दी थी। इसमें से 4 ने प्रथम श्रेणी, 2 ने द्वितीय श्रेणी में परीक्षा पास की है। स्थापना के बाद से विद्यालय को जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक भगवान सिंह जेम्याल संचालित कर रहे हैं। शिक्षा विभाग ने स्थापना के बाद से विद्यालय में प्रधानाचार्य और शिक्षकों की नियुक्ति करने में लापरवाही बरती। लंबी जद्दोजहद के बाद जुलाई 2017 में सामाजिक विज्ञान के शिक्षक की तैनाती विद्यालय में हुई है।
अगस्त 2017 से मार्च 2018 तक तीन अतिथि शिक्षक नामिक में तैनात रहे। वर्तमान में इस विद्यालय में प्रधानाध्यापक और सामाजिक विज्ञान का शिक्षक ही तैनात है। वर्ष 2017 में भी बेहतर परीक्षा परीक्षा परिणाम के लिए विद्यालय को पंडित दीनदयाल उपाध्याय उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वहीं, अनिवार्य स्थानांतरण के बाद भी हाईस्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य भगवान जेम्याल ने नामिक के दुर्गम विद्यालय में ही सेवा करने की इच्छा जाहिर की है।