पिथौरागढ़। नगर को विकास प्राधिकरण के दायरे में लाने के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है। शुक्रवार को पिथौरागढ़ संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका और प्राधिकरण गठन का फैसला शीघ्र वापस लेने की मांग की। संघर्ष समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण बनने पर लोग कई प्रकार के करों के दायरे में आ जाएंगे और लोगों को मकान का नक्शा पास कराने के लिए ज्यादा रकम देनी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि सीमांत नगर के लिए विकास प्राधिकरण की न तो कोई जरूरत है और न इससे लोगों को कोई फायदा होगा। लोगों को मानचित्र शुल्क, विकास शुल्क, निर्माण शुल्क, मास्टर प्लान शुल्क जैसे कई तरह के करों के बोझ से लादा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और यहां के जनप्रतिनिधियों को इस शहर की इतनी ज्यादा चिंता है तो सुविधाओं का विस्तार करे।
जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष तपन रावत ने कहा कि सभी सामाजिक, राजनीतिक संगठनों को विकास प्राधिकरण के विरोध में आगे आना चाहिए। जिला अधिवक्ता संस्था के सचिव अजय बोहरा ने कहा कि उनका संगठन प्राधिकरण के विरोध में लगातार आवाज उठा रहा है। पुतला फूंकते समय मुकेश जोशी, नीरज मेहता, भुवन जोशी, हिमांशु मेहता, मुकेश मेहता, एमडी देवलाल, पुष्कर राम, कमलेश मेहता आदि थे।