पहाड़ पर हृदय रोगी बढ़े पर इलाज की सुविधा नहीं
पिथौरागढ़। पहाड़ पर हृदय रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन इलाज की सुविधा अब तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। सिर्फ ईसीजी जांच के अलावा रोगियों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिल पाती है, अगर मामला गंभीर हो जाए तो हल्द्वानी या फिर बरेली रेफर करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि करीब पांच लाख की जनसंख्या वाले पिथौरागढ़ जैसे जिले में दो वर्ष से हृदय रोग विशेषज्ञ ही नहीं है।
पिथौरागढ़ जिले में दो साल पहले हृदय रोग विशेषज्ञ डा. हरीश चंद्र पाठक के सेवानिवृत्त होने के बाद इस पद पर किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हो पाई है। जिला अस्पताल के पैथालॉजिस्ट डा. नरेंद्र शर्मा का कहना है कि जिले में हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले महीने में 15-20 मरीज ही अस्पताल आते थे, लेकिन वर्ष 2016 के बाद से यह संख्या 30 से 40 के बीच पहुंचने लगी है।
सामान्य मरीजों की जांच तो जिला अस्पताल के फिजीशियन कर लेते हैं, लेकिन गंभीर रोगियों को हल्द्वानी या बरेली रेफर कर दिया जाता है। रोगियों को जिला अस्पताल में ईसीजी जांच के अलावा कोई अन्य सुविधा नहीं मिल पाती। कम उम्र के लोगों भी अब हृदय रोग की चपेट में आ रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. उषा गुंज्याल का कहना है कि जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए कई बार शासन को पत्र लिख दिया गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
हृदय रोगियों की संख्या बढ़ने की वजह
तनाव, बदलती जीवनशैली, खानपान के तरीके, शारीरिक श्रम की कमी, युवाओं में नशे की लत बढ़ना, मांसाहारी होना, अधिक वजन, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह के रोगियों में भी हृदय रोग के खतरे बढ़ते हैं।
कैसे करें बचाव
कम वसायुक्त खानपान, सुबह की सैर और जीवन शैली में बदलाव कर इस पर काबू पाया जा सकता है।