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ऑनलाइन प्रवेश से कॉलेजों में छात्रसंख्या कम हो जाएगी

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पिथौरागढ़। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने इस बार स्नातक प्रथम वर्ष में ऑनलाइन प्रवेश की व्यवस्था लागू की है। प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थी को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपने कॉलेज का नाम, कक्षा, विषय का उल्लेख करना है, लेकिन अधिकांश विद्यार्थियों को इस नए तरीके के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई तय की गई है, लेकिन कॉलेजों से मिली जानकारी के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करने वालों की संख्या बहुत कम है।
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जिले के सबसे बड़े पिथौरागढ़ कॉलेज में भी ऑनलाइन प्रवेश के आवेदन नाममात्र की संख्या में प्रस्तुत हो पाए हैं।
पिथौरागढ़ कॉलेज में पिछले वर्ष तक बीए प्रथम वर्ष में 1200 से ज्यादा विद्यार्थी प्रवेश लेते थे, लेकिन इस बार ऑनलाइन प्रक्रिया में मात्र 240 विद्यार्थियों ने अपना आवेदनपत्र प्रस्तुत किया है। बीएससी प्रथम वर्ष गणित वर्ग में अब तक 220, जीव विज्ञान वर्ग में 150 और बीकॉम प्रथम वर्ष में मात्र 57 आवेदन ऑनलाइन प्रस्तुत किए गए हैं।

नारायणनग कॉलेज से सिर्फ 6 विद्यार्थियों के ऑनलाइन आवेदन जमा हुए हैं। मुनस्यारी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के लिए सिर्फ 15 आवेदन जमा हो पाए हैं। बेड़ीनाग, गंगोलीहाट और मुवानी कॉलेज की स्थिति भी ठीक इसी तरह की है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन का तरीका मालूम नहीं है। दूसरा दूरस्थ इलाकों में नेटवर्क की समस्या होने से भी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
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पिथौरागढ़ कॉलेज के प्राचार्य डा. डीएस पांगती ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया से सभी कॉलेजों में छात्रसंख्या कम होने की संभावना है। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन से बात की जा रही है और पर्वतीय अंचल के विद्यार्थियों को छूट देने का आग्रह किया गया है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन इस समस्या पर गौर नहीं करता तो सभी कॉलेजों में इस बार छात्रसंख्या बहुत कम हो जाएगी।

ऑफलाइन प्रवेश पर विचार संभव
पिथौरागढ़। सभी कॉलेजों में छात्रसंख्या कम होने की संभावना को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही ऑफलाइन प्रवेश का विकल्प दे सकता है। सूत्रों का कहना है कि यदि ऑनलाइन प्रवेश को अनिवार्य रखा जाता है तो कॉलेजों में छात्रसंख्या 50 से 75 फीसदी तक कम हो जाएगी। कई विद्यार्थी प्रवेश लेने से वंचित हो जाएंगे। इस समस्या को लेकर लगभग सभी प्राचार्यों ने कुलपति को अवगत करा दिया है।
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