रामगंगा नदी पर इसी स्थल पर बनना है मोटर पुल। संवाद
पिथौरागढ़। एक ओर करोड़ों की योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण किए जा रहे हैं वहीं, दूसरी ओर पिथौरागढ़ जिले की रामगंगा नदी में 18 साल पूर्व स्वीकृत 80 मीटर लंबा पुल आज तक नहीं बन पाया है। पुल नहीं होने से लोगों को वाहनों के बजाय झूलापुल से पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है।
कनालीछीना विकासखंड के सुवालेख-रसैपाटा और गंगोलीहाट के पोखरी-चौली मोटर मार्ग का निर्माण हो चुका है। बीच में पड़ने वाली रामगंगा नदी पर 80 मीटर पुल बनना है। इस पुल के निर्माण के लिए वर्ष 2006 में स्वीकृति मिल गई थी लेकिन निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका।
पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती ने बताया कि रामगंगा नदी पर पुल बनाने की मांग को लेकर वह विभागीय और प्रशासन के अधिकारियों से लेकर तमाम स्तर पर मांग कर चुके हैं। पुल बनने से गंगोलीहाट और पिथौरागढ़ की दूरी जो वर्तमान में 85 किमी है वह घटकर 65 किमी कम रह जाती।
क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थल चंडिकाघाट, पाताल भुवनेश्वर और हाट कालिका के दर्शन श्रद्धालु एक दिन में ही कर सकेंगे। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता लेकिन विभागीय और शासन प्रशासन की उपेक्षा के कारण आज तक पुल का निर्माण नहीं हुआ है।
कोट
पुल निर्माण की कार्यवाही चल रही है। गंगोलीहाट की ओर से प्रस्तावित स्थल तक 1.70 किमी सड़क बननी है। वन विभाग से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। पुल का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। कुछ आपत्तियां आई थीं। आगणन बनाकर सर्किल कार्यालय को भेजा गया है। - आरपी नैथानी, अधिशासी अभियंता लोनिवि बेड़ीनाग।