धारचूला में अंतरराष्ट्रीय झूलापुल से रात को नेपाल रवाना होते नागरिक। संवाद न्यूज एजेंसी
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धारचूला (पिथौरागढ़)। भारतीय सीमा में फंसे 78 नेपाली मजदूर रात को गेट खोलने के बाद अपने वतन पहुंचे। इससे मजदूरों ने राहत की सांस ली। धारचूला के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण और अन्य जगहों पर काम करने वाले नेपाली मजदूर मंगलवार को भूखे-प्यासे अंतरराष्ट्रीय पुल में फंस गए थे। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने नेपाल के पुल इंचार्ज से वार्ता गेट खोलने का अनुरोध किया। बावजूद इसके नेपाल की ओर से गेट नहीं खोला गया। नेपाल के प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद वहां के सुरक्षा बलों ने रात 10.17 बजे झुलापुल का गेट खोला। मदकोट, सेराघाट, कालिका, खुमती, एलागाड़ और पांगला से पैदल पहुंचे 78 मजदूर 16 घंटे तक भूखे-प्यासे रहे। भारतीय सुरक्षा बलों के अनुरोध के बाद रात में बमुश्किल गेट खोलने को तैयार हुए नेपाल प्रशासन ने मेडिकल टीम को बुलाकर सभी लोगों के स्वास्थ्य की जांच कराई। जांच के बाद ही उन्हें देश में आने की अनुमति दी गई।