कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अजय रौतेला ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र से किसी प्रकार का संबंध न रखने वाले बाहरी प्रभावशाली व्यक्तियों को मतदान से 72 घंटे पहले क्षेत्र से हटा लिया जाए। चुनाव में यदि किसी व्यक्ति से बाधा पहुंचाने की आशंका हो तो उसके खिलाफ पहले ही सख्त कार्रवाई की जाए। शनिवार को चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए यहां पहुंचे डीआईजी रौतेला ने जिला पुलिस को निर्देश दिए कि गुंडा तत्वों, हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
डीआईजी ने कहा कि निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए शस्त्रों को शत-प्रतिशत जमा कराएं, पैसे और शराब के प्रचलन पर रोक लगाने के लिए सख्त चेकिंग की जाए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को चुनाव ड्यूटी और कर्तव्य की जानकारी देते हुए कहा कि हर काम को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से किया जाए। डीआईजी ने कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराना उनकी प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की कोताही सहन नहीं की जाएगी। पुलिस अधीक्षक अजय जोशी ने डीआईजी को चुनाव को लेकर अब तक की गई तैयारियों के बारे में बताया। कहा कि शस्त्र जमा करने, अपराधियों को पाबंद करने का काम तेजी से चल रहा है। इस दौरान अपर राज्य रेडियो अधिकारी बीबी तिवारी, सीओ शेखर सुयाल, केएन आर्य, एलआईयू निरीक्षक जितेंद्र उप्रेती, प्रतिसार निरीक्षक एमसी कांडपाल आदि उपस्थित थे।
सुरक्षा बल कल तक पहुंच जाएगा
डीआईजी अजय रौतेला ने कहा कि बाहरी जिलों से अर्धसैनिक बलों की कुछ टीमें 30 जनवरी को यहां पहुंच जाएगी। चुनाव के लिए पूरा फोर्स 10 फरवरी तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए जिले को पर्याप्त संख्या में फोर्स मिल रहा है। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर ज्यादा फोर्स तैनात होगा।
नेपाल के अधिकारी सहयोग करेंगे
मतदान के दिन सीमा पर चौकसी में नेपाल के अधिकारी पूरा सहयोग करेंगे। डीआईजी अजय रौतेला ने बताया कि पिछले दिनों नेपाल के अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। मतदान के दिन नेपाल सीमा 36 घंटे तक सील रहेगी। भारतीय क्षेत्र से भी सुरक्षा बल नेपाल सीमा पर नजर रखेंगे।
बीमार लोगों को छूट मिलेगी
नेपाल सीमा सील रहने के दौरान यदि नेपाल से किसी गंभीर रोगी को भारतीय क्षेत्र में लाने की जरूरत पड़े तो उसे यह छूट दी जाएगी। इसके लिए नोडल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय झूलापुलों पर तैनात किया जाएगा। वह इस बात का परीक्षण करेंगे कि बीमार व्यक्ति को क्या इलाज के लिए भारतीय क्षेत्र में लाया जाना जरूरी है।