धारचूला (पिथौरागढ़)। कुटि गांव के नागेंद्र कुटियाल (40) की समय पर इलाज न मिलने से मौत हो गई। हायर सेंटर रेफर करने पर परिजनों ने हेलीकॉप्टर मंगाया था, जो नहीं मिला। कुटियाल की मौत को लेकर धारचूला के विधायक और ग्राम प्रधान ने सरकार को घेरा है।
कुटियाल एक सप्ताह से पीलिया रोग से पीड़ित थे। मंगलवार को उनकी तबियत बिगड़ी तो परिजन धारचूला अस्पताल लेकर आए। डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की, लेकिन हेलीकॉप्टर नहीं मिला। परिजन कुटियाल को सड़क मार्ग से हल्द्वानी ले जा रहे थे, लेकिन दन्यां (अल्मोड़ा) के पास उनका निधन हो गया। धारचूला विधायक हरीश धामी का कहना है कि सरकार की लापरवाही ने आपदा प्रभावित क्षेत्र के एक व्यक्ति की जान ले ली। उन्होंने कहा कि सरकार को लापरवाह अधिकारी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
कुटि के प्रधान गुलाब सिंह कुटियाल, प्रेरणा कुटियाल ने कहा कि समय रहते हेलीकॉप्टर मिल जाता तो जान बच सकती थी। नागेंद्र के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। उधर, एसडीएम आरके पांडेय का कहना है कि प्रशासन ने हेलीकॉप्टर ले जाने की अनुमति दे दी थी। पायलट ने शाम छह बजे बाद हेलीकॉप्टर उड़ाने से इनकार कर दिया।
सुरेंद्र को भी हेलीकॉप्टर का इंतजार
दांतू निवासी सुरेंद्र दताल (35) पुत्र दरपान सिंह मंगलवार शाम करीब 6 बजे जंगल से घर लौट रहा था, रास्ता दरकने से वह 50 मीटर खाई में गिर गया। रात तक घर न पहुंचने पर परिजन जंगल गए। ढूंढ़खोज कर बुधवार तड़के तीन बजे घायल सुरेंद्र को घर लेकर आए। सुरेंद्र के सिर और दांए हाथ पर चोट है। परिजनों ने सुरेंद्र को धारचूला लाने के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की। एसडीएम आरके पांडेय ने हेलीकाप्टर भेजा, लेकिन मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर दर से लौट आया। एसडीएम का कहना है कि मौसम ठीक होने पर घायल को हेलीकॉप्टर से लाया जाएगा।
बूंदी नहीं जा पाया हेलीकॉप्टर
धारचूला से बुधवार को चार लोगों को लेकर हेलीकॉप्टर बूंदी के लिए रवाना हुआ। मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर वर्तीगाड़ से धारचूला लौट आया। इन लोगों ने बूंदी जाने के लिए प्रति यात्री 3100 रुपये दिए थे, जो बेकार चले गए। अब यह लोग बृहस्पतिवार को फिर से जाएंगे, तो 3100 रुपये फिर देने पड़ेंगे। कुटि के प्रधान गुलाब सिंह कुटियाल ने कहा कि उसी रकम में यात्रियों को दोबारा ले जाना चाहिए। हेली यात्रा समन्वयक खंड विकास अधिकारी मानस मित्तल ने कहा कि धन वापस करने का कोई प्रावधान नहीं है।