डीडीहाट। कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पर्यटक आवास गृह डीडीहाट और आईटीबीपी मिर्थी में बुधवार को जोरदार स्वागत किया गया। आईटीबीपी मिर्थी में उनके स्वागत में छोलिया नृत्य का भी आयोजन किया गया, जिसका उन्होंने जमकर लुत्फ उठाया। इससे पूर्व यात्रियों का दल बुधवार सुबह धारचूला के लिए रवाना हुआ। यात्रियों ने धौलछीना में अल्प विश्राम किया। हिल व्यू होटल धौलछीना के सभागार में व्यापार मंडल के सदस्यों ने फूलमाला पहनाकर उनका स्वागत किया।
पर्यटक आवास गृह डीडीहाट में प्रबंधक आनंद आर्या के नेतृत्व में यात्रियों का स्वागत किया गया। यहां यात्रियों ने कुमाऊंनी व्यंजन भट के डुबके, पहाड़ी रायता और खीर का आनंद लिया। इसके बाद दल आईटीबीपी मिर्थी पहुंचा। यहां सातवीं वाहिनी आईटीबीपी मिर्थी के सेनानी महेंद्र प्रताप के नेतृत्व में अधिकारियों और हिमवीरों ने उनका स्वागत किया। अस्कोट राजवंश के वारिस रजवार भानुराज पाल राजसी वेशभूषा में यात्रियों के स्वागत को मौजूद रहे। यात्रियों ने यहां भोलेनाथ के जयकारे लगाए। बाद में यात्रियों को बल के अधिकारियों ने उच्च हिमालयी क्षेत्र में आने वाली दिक्कतों और वहां बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।
पहले दल का नेतृत्व कर रहे अमरनाथ अशोकन और देवेंद्र सिंह ने बताया कि दल में 42 पुरुष, 17 महिलाएं शामिल हैं। दल के सबसे छोटे यात्री महाराष्ट्र की रिद्धी श्रीकृष्णा (18) और सबसे बुजुर्ग यात्री उत्तर प्रदेश के इंद्र मोहन (69) यात्रा को लेकर काफी उत्साहित हैं। दल में पश्चिमी बंगाल, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के तीन-तीन, कर्नाटक, चंडीगढ़ और तेलंगाना के एक-एक, दिल्ली के 14, उत्तराखंड गुजरात, केरल के दो-दो, महाराष्ट्र के पांच, हरियाणा के चार, राजस्थान के सात और उत्तर प्रदेश के 11 यात्री शामिल हैं। सबसे ज्यादा 14 तीर्थयात्री दिल्ली से और सबसे कम एक-एक यात्री चंडीगढ़, कर्नाटक और तेलंगाना से हैं। सेनानी दल का स्वागत करने में वालों में एसडीएम वैभव गुप्ता, आईटीबीपी के सहायक सेनानी हरवंश लाल, डॉ. गिरीश कुमार, ई. विक्रांत बिष्ट, थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार, आन सिंह नेगी आदि मौजूद थे।