पिथौरागढ़। निजीकरण के विरोध में ऊर्जा कर्मियों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने निजीकरण का फैसला वापस न लेने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को नगर के हाइडिल कार्यालय पर पिथौरागढ़, धारचूला और चंपावत खंडों के विद्युत संविदा कर्मी एकजुट हुए। उन्होंने निजीकरण के विरोध में धरना दिया। इस दौरान हुई सभा में जिलाध्यक्ष मनोज पांडेय ने कहा कि निगम के खंडों और अनुभागों में कामकाज ठेकेदारी पर दिया जा रहा है। इससे ऊर्जा कर्मियों की भूमिका सीमित हो गई है। ठेकेदार प्रथा से बिजली की गुणवत्ता, अधिक बिल आने से समस्याएं बढ़ गई हैं।
इस दौरान महिमन भड़, बालेंद्र बिष्ट, कैलाश उपाध्याय, बहादुर भैसोड़ा, देवेंद्र कन्याल, ममता भट्ट, हेमा बिष्ट, मनीष पांडेय, कौस्तुभानंद पांडेय, होशियार बसेड़ा, कौस्तुभानंद पाटनी आदि थे। वहीं, धरने पर पहुंचे व्यापार मंडल, ट्रेड यूनियन, ऊर्जा कामगार संगठन आदि कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया।