पिथौरागढ़। वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है, लेकिन जिले में राजस्व वसूली का काम अधूरा पड़ा है। फरवरी का आधा पखवाड़ा गुजरने के बाद अब तक 42 फीसदी ही राजस्व वसूली हो सकी है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित एसडीएम को लक्ष्य प्राप्त न करने पर प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी दी है।
जिले की पिथौरागढ़, डीडीहाट, गंगोलीहाट, गणाईगंगोली, धारचूला, मुनस्यारी, कनालीछीना, थल, तेजम, देवलथल, पांखू, बंगापानी तहसीलों में राजस्व वसूली का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। पूरे जिले में अब तक 42 फीसदी ही राजस्व वसूली हो पाई है, जबकि वित्तीय वर्ष गुजरने में महज डेढ़ माह ही शेष है। राजस्व वसूली के मामलों में विभिन्न प्रकार के कर्ज, बकाया वसूली और देनदारियां शामिल हैं।
इन हालातों में वित्तीय वर्ष के भीतर सौ फीसदी राजस्व वसूली का लक्ष्य बड़ी चुनौती बन गया है। शनिवार को डीएम ने राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान राजस्व कर्मियों के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने लक्ष्य प्राप्त न करने पर एसडीएम को वार्षिक प्रतिकूल प्रविष्टि देने की चेतावनी तक दे डाली।
राजस्व वसूली में अन्य विभाग भी पीछे
राजस्व वसूली में तहसीलों का प्रदर्शन सबसे निराशाजनक रहा। नगर पालिका, वन विभाग, परिवहन निगम, निबंधन विभाग में वसूली की प्रगति भी कम पाई गई। डीएम ने सभी विभागों को हर हाल में मार्च सप्ताहांत तक पूरी वसूली करने की हिदायत दी है।
वसूली में अव्वल रहा आबकारी
राजस्व वसूली के मामले में जिले में आबकारी महकमा अव्वल रहा। आबकारी को इस साल 48 करोड़ का लक्ष्य मिला था, जबकि अब तक विभाग 56 करोड़ की रकम जुटा चुका है। मार्च तक वसूली में और इजाफा होगा। इसके साथ ही बांट-माप विभाग भी सात लाख का लक्ष्य पूरा कर चुका है।