मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। पीपीपी मोड से संचालित मुनस्यारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था एक बार फिर पटरी से उतर गई है। अस्पताल में सिर्फ तीन डॉक्टरों से काम चलाया जा रहा है, जबकि मानक के अनुसार अस्पताल में 12 डॉक्टर होने चाहिए। अस्पताल की अव्यवस्थाओं से मरीज परेशान हैं। लोगों को सामान्य रोगों के इलाज के लिए भी पिथौरागढ़ जाना पड़ रहा है।
इस समय अस्पताल में सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ और निश्चेतक तैनात हैं। रेडियोलॉजिस्ट डा. एलएस टोलिया को इसी सप्ताह यहां से गैरसैंण भेज दिया गया है। इस कारण अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल में एक्सरे समेत किसी भी प्रकार के जांच की सुविधा नहीं है। मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं में जांच करानी पड़ रही है।
मुनस्यारी तहसील की करीब 80 हजार आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभाले इस अस्पताल में कभी भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुई। इस कारण कई बार लोगों ने आंदोलन का रास्ता भी अपनाया और इसे पीपीपी मोड से हटाने की मांग भी की। पिछले तीन साल में अस्पताल का संचालन गंगाशील अस्पताल बरेली की ओर से किया जा रहा है। अस्पताल के प्रबंधक उत्कर्ष गंगवार का कहना है कि जल्दी ही रिक्त पदों पर तैनाती की जाएगी और व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।