थल (पिथौरागढ़)। थल की 108 आपातकालीन सेवा शनिवार को बंद हो गई। लंबे समय से पेट्रोल पंप का भुगतान न होने के कारण पंप मालिक ने शनिवार को वाहन के लिए डीजल देने से इनकार कर दिया। यह वाहन अब पेट्रोल पंप पर ही खड़ा है। बताया गया कि लंबे समय से पंप मालिक को 108 सेवा की तरफ से कोई भुगतान नहीं किया गया है और अब तक 3.5 लाख रुपये की देनदारी हो गई है। पंप मालिक देवराज सत्याल ने कहा कि कई बार भुगतान के लिए कहा गया, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अब वाहन के लिए उधार में डीजल दे पाना संभव नहीं है।
कर्मचारी शनिवार सुबह डीजल भराने के लिए पेट्रोल पंप पर गए थे। डीजल न मिलने से 108 वाहन को चला पाना संभव नहीं है और उसे अब पेट्रोल पंप पर ही खड़ा कर दिया गया है। 108 आपात वाहन में छह कर्मचारी काम करते हैं। उनको तीन महीने से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने बताया कि 108 वाहन की हालत बेहद खटारा हो चुकी है। इसकी सीटें फट गई हैं। पंखा खराब है। स्ट्रेचर टूट गया है। वाहन में लगा एयर कंडीशन काम नहीं करता।
108 वाहनों का सारा नियंत्रण, वित्त की व्यवस्था देहरादून से होती है। स्थानीय स्तर पर इन वाहनों के लिए कोई फंड नहीं होता। डीजल न मिलने के कारण 108 सेवा बंद होने से अब लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. उषा गुंज्याल का कहना है कि 108 वाहनों के संचालन में आ रही दिक्कत की जानकारी उसके संचालकों को दे दी गई है। थल की 108 सेवा के अधीन मुवानी से लेकर नाचनी तक का इलाका आता है।
108 सेवा को दुरुस्त करने की मांग
गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। गणाई के जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह बोरा शिवजी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जिले की 108 सेवा को दुरुस्त करने की मांग की है। पत्र में बोरा ने कहा है कि पिथौरागढ़ जिला आपदा और दुर्घटनाओं के लिहाज से अति संवेदनशील है। हर सीजन में यहां घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन 108 आपातकालीन सेवा को दुरुस्त रखने की दिशा में सरकार कदम नहीं उठाती। कहा कि जिले की 9 में से 3 एंबुलेंस खराब हैं, इस कारण लोगों को समय पर आपातकालीन सेवा का लाभ नहीं मिल पाता। बोहरा ने सभी 108 वाहनों को ठीक करने की मांग करते हुए कहा है कि जिले को और आपातकालीन वाहन दिए जाने चाहिए।