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विकासवादी और नई सोच वाला हो बजट

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विकासवादी और नई सोच वाला बजट हो
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पिथौरागढ़। प्रदेश सरकार के बजट को लेकर लोगों में काफी अपेक्षाएं हैं। लोगों का कहना है कि बजट विकासवादी और महंगाई कम करने वाला होना चाहिए। बजट में यह कोशिश हो कि रोजगार के अवसर बढ़ें। शिक्षा और चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने के लिए ज्यादा धनराशि तय की जाए। सड़क, संचार सेवाओं के विकास और आपदा से निपटने के लिए धन की कमी नहीं होनी चाहिए। कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने, लोगों को फसलों के नुकसान का तत्काल मुआवजा देने के लिए भी सरकार को विचार करना चाहिए। हमने अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वालों से इसी अपेक्षा को लेकर बातचीत की।

बजट को विकासवादी होना चाहिए
पिथौरागढ़। जिला अधिवक्ता संस्था के अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट का कहना है कि बजट को विकासवादी होना चाहिए। पिछड़े इलाकों के विकास पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। शहरों में ढांचागत सुविधाएं बढ़ाने के लिए बजट में ज्यादा प्रावधान रखे जाएं। यह कोशिश की जाए कि गांवों की सुविधाएं बढ़ें और लोग पलायन न करें।
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महंगाई रोकने की दिशा में काम हो
पिथौरागढ़। व्यापारी भूरे मियां का कहना है कि एक जुलाई से जीएसटी के प्रावधान लागू होने वाले हैं। प्रदेश सरकार को चाहिए कि ऐसे में कोई ऐसा तरीका बजट में निकाले, जिससे उपभोक्ता वस्तुओं की कीमत न बढ़े। वह कहते हैं कि महंगाई पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। इसका असर व्यापारी और ग्राहक दोनों पर पड़ रहा है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि अपने स्तर से भी नियंत्रण के प्रयास करे।

शिक्षा और चिकित्सा पर खास ध्यान हो
पिथौरागढ़। समाजसेवी शकुंतला दताल का कहना है कि शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं में सुधार के लिए खास ध्यान दिया जाए। पर्वतीय अंचल में सबसे खराब स्थिति शिक्षा और चिकित्सा की ही है। यदि शिक्षा और चिकित्सा सेवाएं सुधर जाए तो लोगों को राहत मिलेगी। दोनों मदों के लिए धन की कमी नहीं होनी चाहिए। वह कहती हैं कि बजट को हर बार की तरह न बनाया जाए, इसमें सरकार की नई सोच झलकनी चाहिए।
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निर्माण कार्यों के लिए धन की कमी न हो
पिथौरागढ़। ठेकेदार संघ के जिलाध्यक्ष तारा चंद का कहना है कि सरकारी निर्माण कार्यों में भुगतान की समस्या नहीं आनी चाहिए। सरकार जो परियोजना और निर्माण शुरू करती है उसके लिए पहले ही पर्याप्त मात्रा में धन दे देना चाहिए। इससे काम भी तेजी से होंगे और मजदूर वर्ग को भी परेशानी नहीं होगी। वह कहते हैं कि केंद्र की योजनाओं के लिए सरकार को धन लाने का प्रयास करना चाहिए।
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