नाचनी (पिथौरागढ़)। सिंचाई विभाग की टीम ने रामगंगा घाटी के बाढ़ग्रस्त, भूस्खलन क्षेत्रों का निरीक्षण किया। साथ ही बाढ़ अवरोधी तटबंधों का निरीक्षण किया।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता विकास श्रीवास्तव टीम के साथ रविवार को गौचर से मुनस्यारी के बीच पड़ने वाले भूस्खलन के खतरनाक स्थल नाचनी, बांसबगड़, हरड़िया, भैंसखाल, रातिगाड़, तेजम, मसूरी कांठा, झेकला का निरीक्षण किया। उन्होंने बरसात में दरकती पहाड़ियों की जानकारी ली। उन्होंने विभाग द्वारा नाचनी और बांसबगड़ में बनाए गए तटबंधों की गुणवत्ता देखी। इन तटबंधों ने ही पिछले वर्ष 11 जुलाई को रामगंगा में आए सैलाब से नाचनी बाजार को बचाया।
पानी के बहाव ने 36 वर्ष पूर्व बने झूलापुल को अपनी चपेट में ले लिया था। अधीक्षण अभियंता ने मुख्य जगहों पर हो रहे बाढ़ कटाव स्थलों को चिह्नित किया। उन्होंने बताया कि इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। टीम में अधिशासी अभियंता फराह खान, सहायक अभियंता हेम उपाध्याय, अवर अभियंता हरीश भट्ट, सींच पर्यवेक्षक कमल सक्सेना, चंदभानु आदि मौजूद रहे।