गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। पंचायतीराज संस्थानों का स्थानिक सशक्तीकरण विषय पर कार्यशाला हुई। यूसेक और इसरो की ओर से आयोजित कार्यशाला में बताया गया कि जिले की परिसंपत्तियों, प्राकृतिक संसाधन, वन संपदा को मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से मानचित्रण किया जा रहा है।
स्कूल, होटल, नौले, धारे, मंदिर, सरकारी भवन और राशन की दुकानों को वन पंचायत पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इसरो के वैज्ञानिक डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि पंचायतीराज संस्थानों की मजबूती के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। देश के प्रत्येक राज्य में एक-एक जिले को मानचित्रण के लिए चयनित किया गया है। उत्तराखंड में पिथौरागढ़ को चुना गया है। यूसेक के वैज्ञानिक शशांक लिंगवाल ने बताया कि जिले की सभी परिसंपत्तियों को मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से चित्रित किया जा रहा है।
जिले की 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में 18000 परिसंपत्तियों का मानचित्रण किया जा चुका है। इसका लाभ ग्राम, विकासखंड और जिला स्तरीय योजनाओं को बनाने में मिलेगा। सेटेलाइट विधि से मानचित्रण के द्वारा परिसंपत्तियों का वास्तविक आंकलन होगा। धार्मिक और पर्यटन के क्षेत्र में लाभ मिलेगा। क्षेत्र प्रमुख गंगा बिष्ट, खंड विकास अधिकारी डीआर लोहिया, खंड शिक्षाधिकारी केके पंत, फकीर कुमार, षष्टी सिंह रावल, विनीत पाल, नवीन चंद्र, उमेद सिंह, बीना रावल, बबीता रावल आदि मौजूद थे।