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50 परिवारों को 15 साल बाद भी नहीं मिला पेयजल कनेक्शन

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पिथौरागढ़। शहर के सरस्वती विहार कालोनी में रहने वाले 50 से अधिक परिवारों को 15 साल बीतने के बाद भी पेयजल कनेक्शन नहीं मिला है। यह परिवार पिछले डेढ़ दशक से नौले-धारों से पानी ढोने को मजबूर हैं। कई बार आंदोलन करने के बाद भी इन परिवारों को पानी के बजाय केवल कोरे आश्वासन ही मिले हैं।
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पिथौरागढ़ के जीआईसी क्षेत्र में स्थित सरस्वती विहार कालोनी में पिछले डेढ़ दशक में आबादी दोगुना से अधिक हो चुकी है। कालोनी के विस्तार वाले क्षेत्र में जल संस्थान ने 15 साल बीतने के बाद भी पेयजल लाइनें नहीं बिछाई हैं। यहां की जनता ने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटे। इसके बावजूद लोगों को पेयजल कनेक्शन मिलने के बजाय कोरे आश्वासन मिले।

डेढ़ दशक पहले इस पियाना वार्ड में आने वाली इस कालोनी में गिने-चुने भवन थे। आज इस क्षेत्र में 50 से अधिक मकान बन चुकेे हैं। ज्यादातर परिवारों ने पानी के लिए हैंडपंप खोदे हैं। यह परिवार पिछले 15 सालों से महादेव धारे से पीने का पानी ढो रहे हैं। यहां तक कि घाट पंपिंग पेयजल योजना, ठूलीगाड़ पेयजल योजना और अब करोड़ों की आंवलाघाट पेयजल योजना बनने के बाद भी इस क्षेत्र के लोगों की प्यास बुझाने के कोई इंतजाम नहीं हुए हैं।
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कोरे साबित हुए जनप्रतिनिधियों के आश्वासन
पिथौरागढ़। सरस्वती विहार कालौनी के पेयजल सुविधा से वंचित क्षेत्र के लोगों को 2007 और 2012 के चुनावों में कांग्रेस और भाजपा की ओर से पेयजल लाइन बिछाने के आश्वासन मिले। लेकिन चुनाव जीतने के बाद किसी भी जनप्रतिनिधि या उनके कार्यकर्ताओं ने पलटकर फिर नहीं देखा। यहां तक कि कई बार चुनावों से पहले दिए गए आश्वासन की याद दिलाने गए लोगों को हर बार कोरे आश्वासन ही मिले। यहां तक कि 2017 के चुनावों में जीत हासिल होने पर पेयजल संकट का समाधान करने का दावा वाले भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र की ओर पलटकर नहीं देखा।

बोतल में दूषित पानी लेकर महिलाओं ने कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
पिथौरागढ़। नगर के कृष्णापुरी वार्ड में पेयजल संकट गहरा गया है। पिछले दस दिनों से वार्ड में नियमित पानी नहीं आ रहा है। मंगलवार को कुछ घरों में मटमैले पानी की आपूर्ति हुई। इससे नाराज महिलाएं दूषित पानी को बोतल भरकर कलक्ट्रेट धमक गईँ। महिलाओं ने प्रदर्शन करने के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

कृष्णापुरी की महिलाओं ने कहा कि 10 दिनों में एक बार पानी मिल रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत के कारण उन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीने के लिए बाजार से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि मुहल्ले में उनके घरों के लिए बिछाई गई पेयजल योजना से स्टेंड पोस्ट को जोड़ा गया है। कुछ अन्य लोगों ने भी इस पाइप लाइन से संयोजन लिए हैं। इसके चलते अन्य परिवारों को पानी नहीं मिल रहा है। कहा कि पानी के कारण आए दिन झगड़े की नौबत आ रही है।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा इस समस्या से जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत कराया था इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। सभी महिलाओं ने जिलाधिकारी से मुहल्ले में लगे स्टेंड पोस्ट को अन्यत्र लगाने और पेयजल संकट का शीघ्र समाधान करने की मांग उठाई। मुन्नी देवी, भागीरथी आदि महिलाओं ने कहा कि यदि उनकी समस्या को नहीं सुना गया तो धरना शुरू कर दिया जाएगा।

मंगलवार को कई हिस्सों में नहीं आया पानी
पिथौरागढ़। मंगलवार को नगर के कई हिस्सों में पानी नहीं आया। घंटाकरण क्षेत्र में लोग पानी नहीं मिलने से परेशान रहे। लिंक रोड में भी अधिकांश घरों में पानी नहीं आया। लोगों को हैंडपंप से पानी की आपूर्ति करनी पड़ी।


बारिश से नदी का पानी दूषित होने से घाट पेयजल योजना में शिल्ट आ गया था। मटमैले पानी की आपूर्ति न हो इसके लिए टैंक की सफाई की गई है। जल्दी साफ पानी की आपूर्ति सुचारु हो जाएगी।
- विशाल सक्सेना ईई जल संस्थान।


बारिश के कारण नदी का पानी मटमैला हो गया था। दूषित पानी की आपूर्ति न हो इसके लिए टैंक की सफाई की गई। मंगलवार से साफ पानी की आपूर्ति सुचारु कर दी है।
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- एलएम कर्नाटक एसई, जल जल निगम।
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