पिथौरागढ़। राज्य आंदोलन के पुरोधा स्वर्गीय निर्मल पंडित की पुण्यतिथि पर शहीद स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि जब-जब जनमुद्दों की बात आएगी, तब-तब निर्मल लोगों को याद आएंगे।
कार्यक्रम संयोजक जुगल किशोर पांडे के संचालन में हुई श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि शराब नीलामी के विरोध में शहादत देने वाले निर्मल पंडित का उत्तराखंड राज्य की लड़ाई में अहम योगदान रहा है। उन्होंने 1996 में आमरण अनशन कर पिथौरागढ़ में गलत तरीके से हुई पुलिस भर्ती को निरस्त कराया था।
इस दौरान छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष दिनेश ओझा, महेश जोशी, रवींद्र बिष्ट मालदार, डॉ. अशोक पंत, डॉ. गुरुकुलानंद सरस्वती कच्चाहारी, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी, राज्य आंदोलनकारी गोपू महर, मथुरा दत्त जोशी, गेहराज पांडे, मोहन चंद्र भट्ट, मुकेश पंत, अनिल रौतेला डब्बू, मनोज जोशी, दीवान बिष्ट, जनार्दन उप्रेती आदि मौजूद थे।
विजेताओं को पुरस्कृत किया
पिथौरागढ़। स्वर्गीय निर्मल पंडित को गांधी विद्यापीठ में भी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए। जूनियर वर्ग में सिद्धि ने पहला, विजय ने दूसरा, पवन और प्रियांशु ने तीसरा, सीनियर वर्ग में रिया ने पहला, महिमा ने दूसरा, रोशन और समीर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को पंडित ट्रस्ट के सचिव भगवान पंत ने पुरस्कृत किया।