मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। उच्च हिमालयी बुग्यालों के साथ-साथ अब निचले इलाकों में भी आग लग गई है। सरमोली और शंखधूरा के जंगलों में लगी आग से हरे पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचा है। लोगों के घास के लुट्टे (ढेर) भी आग की चपेट में आ गए हैं। आग खलिया बुग्याल के करीब पहुंच गई है। बावजूद इसके वन विभाग का कोई भी कर्मचारी आग पर काबू पाने के लिए नहीं पहुंचा है।
सरमोली और शंखधूरा के जंगलों में पिछले 48 घंटे से आग लगी है। आग से बुरांश के छोटे पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। सरमोली और शंखधूरा के जंगलों में इस समय मोनाल पक्षी रहते हैं, उनको आग से गंभीर खतरा हो सकता है। सरमोली गांव में आग की चपेट में आने से घास के दस लुट्टे जल गए। अब तक आग तीन किलोमीटर के दायरे में फैल चुकी है। उधर, उच्च हिमालयी क्षेत्र के पंचाचूली की तलहटी, डांडाधार, लीलम, धापा में लगी आग अब तक नहीं बुझ पाई है।
पूरे इलाके में धुंध और धुआं फैल गया है। वन रेंजर पूरन सिंह रौतेला का कहना है कि वनकर्मियों की टीम को आग पर काबू पाने के लिए भेजा जा रहा है। आग कैसे लगी, इसका पता लगाया जाएगा। इस बार समय से पहले ही जंगलों के आग की चपेट में आने से लोग गंभीर चिंता में हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण जमीन की नमी लगातार कम होती जा रही है, इस कारण आग का खतरा बढ़ रहा है। वैसे वन विभाग 15 फरवरी से फायर सीजन घोषित करता है।