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Pithoragarh News: जीआईसी सिनलेख के 60 छात्र-छात्राएं मास हिस्टीरिया की जकड़ में, स्कूल जाना छोड़ा

Tue, 30 Dec 2025 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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गंगोलीहाट(पिथौरागढ़)। जीआईसी सिनलेख में पढ़ने वाले बुंगली और बडेना के 60 छात्र-छात्राएं मासहिस्टीरिया की जकड़ में हैं। पहाड़ी के रास्ते से छह किलोमीटर दूर स्कूल पहुंचे तो इन गांवों की 30 छात्राओं को इतने ही छात्रों ने अजीब हरकतेें शुरू कर दीं। सभी ने चिल्लाना, रोना, हंसना शुरू कर दिया तो स्कूल प्रबंधन की सांस अटक गई। बमुश्किल विद्यार्थियों को घर भेजा गया। कई दिनों तक यह सिलसिला जारी रहा तो अब अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है तो विद्यार्थी भी स्कूल न जाने की बात कर रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है।
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बुंगली की बीडीसी सदस्य दीपा परगांई, प्रधान निशा, बडेना की प्रधान ललिता देवी ने बताया कि इन गांवों के 60 विद्यार्थी छह किलोमीटर दूर जीआईसी सिनलेख पढ़ने जाते हैं। पहाड़ी चढ़कर विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचना पड़ता है। बताया कि पहाड़ी इतनी खतरनाक है कि यहां से गिरकर पूर्व में कई लोगों की जान चली गई। बीते दिनों विद्यार्थी इस पहाड़ी को पार कर स्कूल पहुंचे तो सभी अजीब हरकतें करने लगे। कोई रोने और हंसने लगा तो कोई चिल्लाते हुए दीवार पर सिर पटकने लगा। बमुश्किल विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों को घर पहुंचाया। दूसरे दिन भी यही हालात रहे। अब विद्यार्थियों ने पहाड़ी के रास्ते पर डर लगने की बात कर स्कूल जाने से मना कर दिया। पिछले पांच दिनों से सभी विद्यार्थी घर पर हैं और अभिभावक भी इन्हें स्कूल भेजने से डर रहे हैं। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना है। वहीं स्वास्थ्य विभाग इस मामले को मास हिस्टीरिया बता रहा है।
अभिभावकों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर की उचित हल निकालने की मांग
गंगोलीहाट। मंगलवार को संतोष सिंह, आनंद सिंह, कुशल सिंह, उमा सिंह, गोकुल सिंह सहित कई अभिभावक तहसील कार्यालय पहुंचे और इन्होंने तहसीलदार राजेंद्र गिरी गोस्वामी के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी पहाड़ी के रास्ते स्कूल जाने से डर रहे हैं। यदि इन्हें इस हालत में स्कूल भेजा तो दुर्घटना भी हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले का उचित हल निकालने की मांग की।
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कोट
बुंगली और बडेना के विद्यार्थी स्कूल पहुंचने के बाद अजीब हरकत करने लगे। बमुश्किल बच्चों को शांत किया गया। अब बच्चों ने स्कूल आना बंद कर दिया है।
राजेंद्र सिंह बिष्ट, प्रभारी प्रधानाचार्य, जीआईसी सिनलेख
कोट
बच्चों के अजीब हरकत करने का मामला मास हिस्टीरिया है। ऐसे में मामले कई जगह आ चुके हैं। ऐसे बच्चों की काउंसलिंग जरूरी है। यदि हमारे पास इसकी सूचना मिली तो काउंसलर को स्कूल भेजा जाएगा। ऐसे बच्चों को भीड़ से अलग कर देना चाहिए। डर पैदा होने पर ही ऐसे मामले सामने आते हैं। - डॉ. ललित भट्ट, मानसिक रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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फोटो-गंगोलीहाट में तहसीलदार को ज्ञापन देते बुंगली और बडेना के अभिभावक। संवाद
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