पिथौरागढ़। जिले में सहायक अध्यापकों के 103 पदों पर नियुक्ति के लिए 5500 से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। सभी को उम्मीद है कि शिक्षक बनने से उन्हें रोजगार मिलेगा और वे विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर बनाने में अपनी भागीदारी निभाएंगे। किसे नौकरी मिलेगी और किसे मायूसी यह 12 जनवरी को होने वाली काउंसलिंग के बाद तय होगा। राहत की बात है कि शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यालयों में इनकी कमी दूर होगी और शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।
जिले में 958 प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें सहायक अध्यापकों के 1835 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 1680 सहायक अध्यापक कार्यरत हैं और 155 पद रिक्त चल रहे हैं। इसमें से 103 रिक्त पदों पर सहायक अध्यापकों की नियुक्ति होनी है। शिक्षा विभाग के मुताबिक, इन पदों पर नियुक्ति के लिए 5523 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। सहायक अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया ने सीमांत जिले में बेरोजगारी को भी उजागर किया है। आंकड़ों से साफ है कि सहायक अध्यापक के एक पद के लिए 52 अभ्यर्थी मैदान में हैं। किसकी किस्मत खुलेगी और किसे फिर से रोजगार पाने के लिए जूझना होगा यह जल्द तय हो जाएगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति से सीमांत जिले में शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
विशेष शिक्षा के तहत भी 24 शिक्षकों की होगी तैनाती
जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में भी विशेष शिक्षा के तहत 24 रिक्त पदों पर सहायक अध्यापक की नियुक्ति होगी। ये शिक्षक दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए नियुक्त होंगे। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में ऑफलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया चल रही है। आठ जनवरी तक अभ्यर्थी प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन कर सकेंगे।
कोट
जिले के प्राथमिक विद्यालयों में 103 रिक्त पदों पर सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की जानी है। इसके लिए 12 जनवरी को काउंसलिंग आयोजित होगी। - तरुण कुमार पंत, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारंभिक, पिथौरागढ़