पिथौरागढ़। उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी समन्वय मंच की जिला इकाई के नेतृत्व में कर्मचारी लंबित मांगों को लेकर दो जनवरी को एक दिन का व्यक्तिगत आकस्मिक अवकाश लेकर जिला मुख्यालय में धरना देंगे। साथ ही डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे।
मंच के मुख्य संयोजक एमसी जोशी ने कहा कि 6 अगस्त 2018 को वित्तमंत्री प्रकाश पंत के साथ मांगों पर समझौता हुआ, लेकिन इन मांगों का अब तक कैबिनेट ने अनुमोदन नहीं किया है। शासनादेश तक जारी नहीं हुआ है। कहा कि वादाखिलाफी के खिलाफ कार्मिकों में शासन के प्रति विश्वास में कमी आई है। बताया कि प्रदेश के सभी कार्मिकों को केंद्र के समान भत्ते देने, कार्मिकों को सेवाकाल में न्यूनतम तीन पदोन्नतियां देने, हेल्थ स्मार्ट कार्ड की सुविधा सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों को देने, अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन देने, स्थानांतरण अधिनियम में संशोधन करने, वेतन विसंगति समिति की कर्मचारी विरोधी निर्णयों को लागू न करने की मांगों पर सुनवाई नहीं की गई।
इस पर 4 दिसंबर को मंच की केंद्रीय कार्यकारिणी ने आंदोलन का फैसला लिया है। बताया कि 15 से 31 जनवरी तक प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए जाएंगे। 4 फरवरी को अधिकारी, कर्मचारी देहरादून में रैली निकालेंगे।