झूलाघाट (पिथौरागढ़)। कांग्रेस शासनकाल में खुले गौरीहाट आईटीआई के बंद होने की सूचना से क्षेत्रवासी भड़क गए हैं। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि आईटीआई को राजनीति की भेंट नहीं चढ़ने नहीं दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो क्षेत्र के लोग धरना, प्रदर्शन करेंगे। क्षेत्र में चर्चा है कि सरकार अव्यवस्था के बीच संचालित इस आईटीआई को बंद करने जा रही है।
मूनाकोट ब्लॉक के गौरीहाट में 2 नवंबर 2014 को आईटीआई की स्थापना हुई। आईटीआई में मोटर मैकेनिक, मशीनिस्ट और वेल्डर का ट्रेड शुरू करने की बात कही गई थी। अब तक वेल्डर का ही ट्रेड शुरू हो पाया है। सुविधाएं न होने से 16 विद्यार्थियों की क्षमता वाले संस्थान में 12 ही विद्यार्थी शिक्षा ले रहे है। कॉलेज में तैनात एकमात्र अनुदेशक को मार्च 2017 से वेतन नहीं मिला है। छह कमरों में चल रहे आईटीआई में सितंबर में परीक्षा होने के बाद अब तक नए सत्र के लिए प्रवेश फार्म नहीं आए हैं।
किराया नहीं मिला तो लगा देंगे ताला
झूलाघाट। क्षेत्र के भवन स्वामियों ने बेरोजगारों को काम मिलेगा, इसी को देखते हुए अपने आवासीय भवन किराए में दिए थे। भवन स्वामियों को क्षेत्रफल के हिसाब से किराए का भुगतान करने की बात कही गई थी, लेकिन चार वर्ष बाद भी भवन स्वामी पूरन सिंह, भगवान सिंह, नैन सिंह, नरेंद्र सिंह, नवीन सिंह, उत्तम सिंह को किराए का भुगतान नहीं किया गया है। भवन स्वामियों ने कहा कि शीघ्र ही किराया नहीं दिया जाता है तो आईटीआई के कमरों में ताला लगा देंगे।
निदेशालय देहरादून से प्रवेश फार्म की मांग की गई है। भवन स्वामियों के किराए और कर्मचारियों के वेतन के लिए बजट मांगा गया है। आईटीआई बंद होने की उन्हें कोई जानकारी नही हैं। -वीके चौधरी, प्रभारी प्रधानाचार्य गौरीहाट आईटीआई