मदकोट (पिथौरागढ़)। गोरी नदी के उफान पर आने से छोरीबगढ़ गांव की सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवार ध्वस्त हो गई है। इससे आधा दर्जन परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। प्रशासन ने एहतियातन इन परिवारों को प्राथमिक विद्यालय भवन में शिफ्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
2013 में आई आपदा से छोरीबगढ़ को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। मकानों की सुरक्षा के लिए नौ करोड़ की लागत से सुरक्षा दीवार का निर्माण किया गया था। कुछ माह पूर्व ही बनकर तैयार हुई यह सुरक्षा दीवार नदी के उफान में आने से ध्वस्त हो गई है। सुरक्षा दीवार का लगभग एक सौ मीटर हिस्सा बहने से छोरीबगढ़ के टीकेंद्र सिंह, दलीप सिंह, मुकेश सिंह, देवेंद्र सिंह, माधव राम, संदीप सिंह के मकान खतरे की जद में आ गए हैं।
प्रशासन ने एहतियातन इन परिवारों को प्राथमिक विद्यालय भवन में शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया है। अधिकांश परिवारों ने अपने घरों का सामान स्कूल भवन में रख दिया है। राजस्व निरीक्षक विनोद मेहरा ने बताया कि आपदा के कारण बढ़ रहे खतरे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। खतरा बढ़ने से पहले ही सभी परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करा दिया जाएगा।
इधर सुरक्षा दीवार के बहने की जानकारी के बाद सिंचाई विभाग के अभियंता चंद्रशेखर ने क्षतिग्रस्त दीवार का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि दीवार निर्माण को अभी 18 माह का समय नहीं हुआ है। ठेकेदार से दोबारा दीवार का निर्माण करवाया जाएगा।