पिथौरागढ़। स्कूलों में अनियमितता की शिकायतों पर प्रशासन ने शिक्षा विभाग और पुलिस से जांच रिपोर्ट तलब की है। डीएम ने 20 मार्च तक पुलिस और शिक्षा विभाग से रिपोर्ट पेश करने का कहा है। डीएम के फरमान से निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
पिथौरागढ़ में प्रशासन को निजी स्कूलों में अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतें लगातार मिल रही हैं। आम शिकायत है कि स्कूल बसों के संचालन में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। बसों में सुरक्षा के उपायों को नजरअंदाज किया जा रहा है। बसों की क्षमता से अधिक छात्रों को ढोया जा रहा है। कई बसें बिना फिटनेस और लाइसेंस के दौड़ रही हैं। इससे बच्चों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। इसके साथ ही स्कूलों में किताबें व अन्य पाठ्य सामग्री बेचने की भी शिकायत मिली है। अभिभावकों की आम शिकायत है कि स्कूल प्रबंधन किताबें खरीद में मनमानी करते हैं और तय दुकानों से खरीद का दबाव डालते हैं। इस तरह अभिभावकों का आर्थिक शोषण हो रहा है। इसके अलावा स्कूलों में पेयजल, शौचालय, खेल मैदान आदि बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है, लेकिन प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं देता है।
स्कूलों के खिलाफ मिली शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों का जवाब तलब किया है। इस मामले में डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी से शिकायतों की जांच करने को कहा है। साथ ही 20 मार्च तक जांच रिपोर्ट मांगी है। डीएम सी रविशंकर का कहना है कि स्कूली बच्चों और अभिभावकों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम और मानकों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी।