पिथौरागढ़। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से सेवानिवृत्त एक जवान पेंशन के लिए दर दर भटक रहा है। इस तहसील के पुरान गांव निवासी बंशीलाल ने 1984 में हुए दंगों के दौरान दिल्ली में ड्यूटी दी थी। 1986 में वह सेवानिवृत्त हो गए। तब से वह पेंशन की आस में बैठे हैं लेकिन सीआरपीएफ मुख्यालय से उनके पेंशन संबंधी प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया है।
उन्होंने सीआरपीएफ के महानिदेशक को पत्र भेजकर कहा है कि पेंशन न मिलने से वह घोर आर्थिक संकट में आ गया है। बंशीलाल के दो बेटे हैं। एक बेटा दिव्यांग है और दूसरा बेरोजगार है। उन्होंने कहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद अर्धसैनिक बल के हर जवान को पेंशन का लाभ दिया जाता है लेकिन उनके मामले को बिना कारण लटकाया गया है। उन्होंने पेंशन के साथ साथ अर्धसैनिक बलों के पूर्व सैनिकों को दी जा रही कैंटीन सुविधा का लाभ देने की मांग की है।